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बच्चे की जान बचाने के लिए इंडियन रेलवे ने किया ऐसा काम, जिसे देख आप भी करेंगे सलाम

लेटलतीफी और लचर व्यवस्‍थाओं को लेकर शिकायतों की मार झेलने वाली इंडियन रेलवे कभी-कभी ऐसा काम कर जाती है कि पूरा मामला जानने के बाद खुद ब खुद इंडियन रेलवे के प्रति आपके मन में सम्मान जग जाएगा। एसा ही एक मामला एक बार फिर सामने आया है। जिसमें इंडियन रेलवे ने बच्चे की जान बचाकर बहुत ही काबिले तारीफ काम किया है। वैसे तो ये यह मामला मई 2016 का है, लेकिन अचानक से यह मामला इस वक्त सोशल मीडिया में वायरल होने लगा है। असल में बच्चे के पिता ने अपने बेटे और रेलवे को लेकर जिस कहानी को अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा था उसे हाल ही में इंडियन रेलवे ने शयर कर दिया। इसके बाद से सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे हाथों-हाथ‌ लिया और इस मानवीय संवदेना से जुड़ी कहानी को जमकर शेयर किया।

मीनाकेतन ने अपने फेसबुक पर पोस्ट किया पूरा वाक्याः 
मीनाकेतन पति अपने फेसबुक पोस्ट में लिखते हैं, मेरे साढ़े तीन साल के बेटे की तबीयत अचानक बीच रास्ते में बिगड़ गई। वह अचानक उल्टियां करने लगा। देखते ही देखते उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। करीब सात बजे सुबह वह ज्यादा गंभीर हो गया और सही तरीके से प्रतिक्रिया देना भी बंद कर दिया। हम काफी घबरा गए थे। मैंने तत्काल इसकी जानकारी ट्रेन में मौजूद टीटीई को दी। उन्होंने तत्काल हमें अगले स्टेशन पर मेडिकल सुविधाएं उपलब्‍ध करा दीं। मैंने टीटीई को खबर देते ही पाया की ट्रेन की गति बढ़ गई। यहां तक कि ट्रेन अहमदनगर रेलवे स्टेशन पर अपने निर्धारित समय से 20 मिनट पहले पहुंच गई। यह एक बड़ी बात थी, क्योंकि मैंने पहले भी इस ट्रेन से यात्रा की है। यह आमतौर पर देरी से ही यहां पहुंचती थी।

लेकिन मेरे बच्चे की तबीयत बिगड़ने की जानकारी पर यह ट्रेन 20 मिनट पहले पहुंच गई। इतना ही नहीं ट्रेन जैसे रेलवे स्टेशन पर रुकी, मैंने देखा कि मेरी बोगी के आसपास कई सारे रेलवेकर्मी मौजूद हैं। उन्होंने तत्काल हमें वहां पहले से तैनात एंबुलेंस में बिठाया और पास के अस्पताल में ले गए। वहां पहुंचते ही मेरे बेटे का इलाज शुरू हो गया। मैं कह सकता हूं रेलवे स्टेशन पर उतरने और मेरे बेटे के इलाज शुरू होने में मुश्किल से 10 मिनट लगे थे। शाम होते-होते मेरा बच्चा ठीक लगने लगा और हम अहमदनगर से शिरडी के लिए निकल गए।

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