ब्रेकिंग
Haryana PGT Seniority List Revised: हरियाणा में दिव्यांग श्रेणी के 19 पीजीटी शिक्षकों की वरिष्ठता सू... Haryana Road Safety Initiative: हरियाणा में सड़क किनारे खड़े अनुपयोगी बिजली खंभों को हटाने का अभियान... HPSC HCS Final Result 2026: हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी, अभिषेक सरोहा ने किया टॉ... बेटी से छेड़खानी करने वाले का हाथ काटने वाले को 2 लाख का इनाम देंगे सांसद पप्पू यादव Kasganj Crime News: कासगंज में डेढ़ माह के मासूम बच्चे की खरीद-फरोख्त का खुलासा, मां समेत पांच आरोपी... Shiva Sharma Murder Case: लखनऊ में शिवा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे कर सकती है सरेंडर, पुल... कुरुक्षेत्र के पास जम्मू-कश्मीर जा रही बस पर पथराव, सीएम उमर अब्दुल्ला ने जताई नाराजगी साधारण परिवार की बेटी से कैसे अंडरवर्ल्ड और माफिया के संपर्क में आई श्रद्धा दुबे? जानिए पूरी क्राइम ... आंध्र प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग, जगन ने नायडू सरकार पर लगाया ‘जंगल राज’ का आरोप ग्वालियर सड़क हादसे पर सीएम मोहन यादव का कड़ा एक्शन, सीएसपी हटाए गए और 3 थाना प्रभारियों समेत 8 पुलि...
विदेश

चाइनीज ऐप बैन होने पर चीनी मीडिया को लगी मिर्ची, दिया भड़काऊ रिएक्शन

बीजिंगः चीन के साथ सीमा विवाद के चलते भारत ने ड्रेगन को सबक सिखाने क् लिए दुनिया के सबसे पॉपुलर ऐप्स मे से एक टिकटोक सहित 59 चाइनीज मोबाइल ऐप को  देश में बैन कर दिया  है। चीनी ऐप बंद होने पर चीन की शी जिनपिंग सरकार ने भले ही अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी हो, लेकिन वहा की सरकारी मीडिया को खूब मिर्ची लगी है। चीन सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने भड़काऊ रिएक्शन देते हुए भारत की तुलना अमेरिका से करते हुए कहा है कि चीन की वस्तुओं के बहिष्कार के लिए भारत भी अमेरिका जैसे ही बहाने ढूंढ रहा है। अखबार ने आरोप लगाया है कि चीन से मालवेयर, ट्रोजन हॉर्स और राष्ट्रीय सुरक्षा का ख़तरा बताकर इस तरह के प्रतिबन्ध लगाना गलत कदम है।

PunjabKesari

अख़बार के मुताबिक अमेरिका ने भी राष्ट्रवाद की आड़ में इसी तरह चीन के सामानों को निशाना बनाना शुरू किया था। चीनी मीडिया ने फिर दोहराया है कि इस तरह के क़दमों से भारत की अर्थव्यवस्था को ही नुकसान होगा।  सरकार के इस फैसले के साथ ही सोशल मीडिया पर मीम्स की भी बाढ़ आ गई है। लोग इस पर खूब मजेदार मीम्स शेयर कर रहे हैं।  भारत में चाइनीज ऐप बैन होने पर टिकटोक के भारत प्रमुख निखिल गांधी ने ट्विटर पर लिखा- आदेश हम मान रहे हैं और साथ ही सरकारी एजेंसियों से भी मिल रहे हैं ताकि अपना जवाब और अपनी सफाई दे सकें।

PunjabKesari

उन्होंने कहा है कि टिकटोक भारत के कानून का सम्मान करता है और टिकटोक ने भारत के लोगों का डाटा न तो चीनी सरकार को और न ही किसी और देश की सरकार को भेजा है।  अगर हमसे ऐसा करने को कहा भी जाता है, तो भी हम नहीं करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि टिककोट ने इंटरनेट को और लोकतांत्रिक बनाया है।  टिकटॉक 14 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है और इस पर लाखों-करोड़ों लोग जिनमें कलाकार, किस्सागो, शिक्षक भी हैं जो अपनी रोजी के निर्भर हैं। कम्पनी का दावा है कि इनमें से बहुत सारे लोग पहली बार के इंटरनेट यूजर हैं।

विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मस पर यूजर्स अब लगातार ये सवाल पूछ रहे हैं कि ये किस तरह का बैन है और ये बैन कब से प्रभावी होगा, क्योंकि ऐप तो अब भी काम कर रहे हैं और ये अब तक प्ले स्टोर और ऐप स्टोर में डाउनलोड के लिए उपलब्ध हैं तो फिर इसे कैसे बैन कहा जाए। ट्विटर पर टॉप टेन में ट्रेंड कर रहे 10 हैशटेग, सभी चाइनीज ऐप्स से जुड़े

  • 1. #TikTok
  • 2. #PUBG
  • 3. #59 Chinese Apps
  • 4. #UC Browser
  • 5. #Government of India
  • 6. #Shareit
  • 7. #DigitalAirStrike
  • 8. #ChineseAppsBlocked
  • 9. #Jayaraj_And_Fenix
  • 10. #CamScanner

PunjabKesari
बीबीसी के मुताबिक, भारत सरकार के इस फैसले पर टिकटोक के प्रवक्ता ने कहा है कि भारत सरकार ने 59 ऐप्स पर पाबंदी को लेकर अंतरिम आदेश दिया है।बाइटडांस टीम के 2000 लोग भारत में सरकार के नियमों के हिसाब से काम कर रहे हैं। कई भारतीय कंपनियों  ने भारत सरकार  के इस फैसले का स्वागत किया है।   टिकटॉक से प्रतिस्पर्धा में रहने वाले वीडियो चैट ऐप रोपोसो की मालिकाना कंपनी इनमोबी ने कहा कि ये कदम उसके प्लेटफॉर्म के लिए बाज़ार को खोल देगा। वहीं भारतीय सोशल नेटवर्क शेयरचैट ने भी सरकार के इस कदम का स्वागत किया है।

Related Articles

Back to top button