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तेलंगाना हाई कोर्ट में बढ़ाई जाए जजों की संख्या, जी. किशन रेड्डी का कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद को पत्र

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद को पत्र लिखकर तेलंगाना उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या 24 से बढ़ाकर 42 करने के का आग्रह किया है। बुधवार को उन्होंने केंद्रीय मंत्री को पत्र भेजा है। किशन रेड्डी ने राज्य में मामलों का निपटारा करने में हो रही देरी का हवाला देते हुए हाई कोर्ट में जजों की संख्या में इजाफा करने का अनुरोध किया है।

अपने पत्र में उन्होंने कहा कि 2014 में तेलंगाना राज्य का गठन किया गया था और हैदराबाद स्थित राज्य के लिए उच्च न्यायालय में 24 न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई थी। उन्होंने अपने पत्र में आगे कहा है, “आपको यह सूचित करना है कि न्यायाधीशों की कुल स्वीकृत संख्या में से, अब तक केवल 14 न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है और यहां हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश समेत इन जजों द्वारा ही काम किया जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ ताजा मामलों की बढ़ती संख्या के कारण दायर याचिकाओं की संख्या में भी वृद्धि हो रही है।” उन्होंने कहा कि मामलों की बढ़ती संख्या और न्यायाधीशों की कम संख्या के कारण मामलों में फैसला सुनाए जाने में देरी हो रही है।

पत्र में आगे कहा गया है कि लंबित मामलों की संख्या बहुत अधिक है और नए मामलों के दाखिल होने की दर को देखते हुए, आपको यह बताया जा रहा है कि भले ही उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या के साथ काम करना शुरू कर दिया गया हो, लेकिन फिर भी जजों की यह संख्या मामलों को निपटाने के लिए पर्याप्त नहीं होगी। रेड्डी ने कहा कि इससे न्याय वितरण प्रणाली पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ेगा, जो लोगों को समय पर न्याय प्रदान करने में बाधा का कारण बन सकता है।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या लंबित मामलों को निपटाने के लिए पर्याप्त नहीं है इसलिए जजों की स्वीकृत संख्या को मौजूदा संख्या 24 से बढ़ाकर 42 कर दिया जाए। रेड्डी ने मंत्री से इस मामले पर विचार करने का आग्रह किया है जिससे जनता के साथ-साथ कानूनी बिरादरी के सदस्यों को भी मदद मिलेगी।

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