ब्रेकिंग
Kokrajhar Medical College Update: हॉस्टल का खाना खाने से बिगड़ी 60 छात्राओं की तबीयत, अस्पताल में चल... Varanasi Visitor Statistics: वाराणसी में लगातार बढ़ रहा देश-विदेश के पर्यटकों का आंकड़ा, स्थानीय अर्... Ravi Kishan and Councillor Viral Audio: जल निकासी की समस्या को लेकर सांसद रवि किशन पर भड़के पार्षद, ... Munger Mirzachouki Greenfield Highway: निर्माणाधीन फोरलेन सड़क पर फिर दिखी 50 मीटर लंबी दरार, स्थानी... Bijnor Police Investigation: हरिद्वार घुमाने ले गया और फिर दुपट्टे से घोंट दिया गला, बिजनौर में महिल... Motihari Crime and Police News: शराब पीने के आरोप में पकड़े गए युवक को लाठी से पीटने का वीडियो आया स... LDA Action in Lucknow: सड़क की मरम्मत करने की बजाय चादर और पॉलीथिन से ढंका गया गड्ढा, एलडीए की कार्य... West Bengal News: टीएमसी नेता कुणाल घोष पर 18 घंटे में दूसरी बार हमला, अभिषेक बनर्जी ने राज्यपाल से ... Rajasthan News: राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) चुनाव में सियासी घमासान, अध्यक्ष पद पर आमने-सामने दो... MP Political News: वरिष्ठ नेता तरुण कुमार गोले को मिली बड़ी जिम्मेदारी, मध्य प्रदेश के लिए FCI सलाहक...
देश

मॉस्को में मिले भारत और चीन के रक्षा मंत्री, सीमा पर तनाव घटाने के लिए बीजिंग के आग्रह पर हुई बातचीत

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तकरीबन चार महीनों से जारी सैन्य तनाव को दूर करने के लिए भारत और चीन के बीच उच्चस्तरीय बैठकों का दौर शुरू हो गया है। शुक्रवार को देर रात मॉस्को में चीन की पहल पर दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की अगुआई में बातचीत हुई। भारतीय समयानुसार रात 9.30 बजे शुरू हुई यह बैठक तकरीबन ढाई घंटे चली। वार्ता को लेकर दोनों तरफ से रात 12.30 बजे तक कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया था।

बदला नजर आ रहा चीन का रवैया 

भारतीय रक्षा मंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर यह जानकारी दी कि बैठक 2.20 घंटे चली है। बैठक में रक्षा सचिव अजय कुमार और रूस में भारत के राजदूत डीबी वेंकटेश वर्मा भी शामिल हुए। 30 और 31 अगस्त को लगातार दो दिन दोनों देशों के बीच एलएसी पर सैन्य झड़पों के बाद चीन का रवैया बदला दिख रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीन के रक्षा मंत्री वेई फेंग की मुलाकात ने अगले गुरुवार (10 सितंबर) को मॉस्को में ही दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की मुलाकात की राह भी खोल दी है।

तनाव दूर करने पर मंथन 

सूत्रों ने बताया कि राजनाथ सिंह और वेई फेंग के बीच मुलाकात में लद्दाख के मौजूदा तनाव और इसे दूर करने के भावी तौर-तरीकों पर बहुत ही गहराई से बातचीत हुई है। भारत और चीन के रक्षा मंत्री शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में शामिल होने के लिए मॉस्को पहुंचे हैं। यह बैठक शुक्रवार दिन में हुई थी। मालूम हो कि इस साल मई के पहले हफ्ते से ही पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर कई स्थलों पर चीनी सेना के अतिक्रमण के कारण वहां हालात तनावपूर्ण हो गए हैं।

राजनाथ सिंह ने दिया सख्त संदेश

मास्को में एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक में राजनाथ सिंह ने अपने भाषण में जिस तरह से सभी विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की बात कही है, उसके भी खास मायने निकाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए भरोसे का माहौल बनाने के साथ ही आक्रामक रवैये को खत्म करना और एक दूसरे के प्रति संवेदना जताना आवश्यक है। सिंह ने जब यह बात कही जो कुछ ही मीटर की दूर पर चीन के रक्षा मंत्री भी बैठे हुए थे।

सैन्य अतिक्रमण का दिया जाएगा मुंहतोड़ जवाब 

भारत ने शीर्ष सैन्य स्तर पर साफ संकेत दे दिया है कि वह चीन की तरफ से किसी भी तरह के सैन्य अतिक्रमण का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार है। तनाव के बीच दोनों देशों के सैन्य कमांडरों के बीच सोमवार से लगातार बातचीत भी हो रही है। शुक्रवार को भी दोनों पक्षों के बीच तीन घंटे वार्ता चली जिसमें एलएसी पर मई, 2020 से पहले वाली स्थिति बहाल करने को लेकर कई विकल्पों पर चर्चा हुई।

सख्त रुख का असर

पिछले हफ्ते भी लगातार दो दिनों तक सैन्य झड़पें हुई हैं। जानकारी के मुताबिक भारतीय सैनिकों ने भी एलएसी पर कई अहम और संवेदनशील इलाकों पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है, जहां से चीनी सैनिकों की हर हरकत पर अच्छे से नजर रखी जा सकती है। भारत की सख्‍ती के बाद रक्षा मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता का प्रस्ताव चीनी पक्ष की तरफ से गुरुवार को आया था। नई दिल्ली में उच्च स्तर पर विमर्श के बाद इस मुलाकात को हरी झंडी दिखाई गई।

अब विदेश मंत्रियों की बैठक पर नजर 

10 सितंबर को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री वांग यी की प्रस्तावित बैठक हालात को सामान्य बनाने की दिशा में अहम साबित हो सकती है। जयशंकर भी एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए मॉस्को जाएंगे। जयशंकर ने शुक्रवार को ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की एक वर्चुअल बैठक में हिस्सा लिया। इसमें चीन के विदेश मंत्री वांग भी थे

भरोसे का माहौल बनाने पर जोर

एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में राजनाथ सिंह ने अपने भाषण में जिस तरह से सभी विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की बात कही है उसके खास मायने निकाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि क्षेत्रीय स्तर पर विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए भरोसे का माहौल बनाने के साथ ही आक्रामक रवैये को खत्म करना और एक दूसरे के प्रति संवेदना जताना आवश्यक है। राजनाथ ने जब यह बात कही तब वहां कुछ ही मीटर की दूर पर चीन के रक्षा मंत्री भी बैठे हुए थे।

बातचीत ही विकल्प  

वहीं दूसरी ओर विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला ने भी चीन के साथ चल रहे सैन्य विवाद का समाधान बातचीत से निकालने के विकल्प पर जोर दिया है। एक कार्यक्रम में श्रृंगला ने कहा कि, भारत अपनी संप्रभुता और भौगोलिक अखंडता को बरकरार रखने के लिए दृढ़ है। लेकिन हम किसी भी विवादित मामले का समाधान आपसी बातचीत से करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने पूर्वी लद्दाख सेक्टर में चीन के साथ सैन्य तनाव को बेहद चुनौतीपूर्ण बताया और कहा कि इस तरह की चुनौती का सामना पिछले 40 वर्षो में भारत ने नहीं किया है।

Related Articles

Back to top button