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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से दो हफ्ते में विस्तृत हलफनामा पेश करने को कहा

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने लोन मोराटोरियम की अवधि के ब्याज पर ब्याज को माफ किए जाने की मांग को लेकर दायर याचिकाओं पर गुरुवार को सुनवाई की। कोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों की दलील सुनने के बाद सरकार को इस मामले में दो हफ्ते में विस्तृत हलफनामा प्रस्तुत करने को कहा। इसके बाद इस मामले में सुनवाई को दो हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया। समाचार एजेंसी ‘एएनआइ’ के एक ट्वीट के मुताबिक सुनवाई के दौरान लेनदारों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव दत्ता ने अपनी बात रखी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा, ”लोन के मामलों में अब भी चक्रवृद्धि ब्याज लगाया जा रहा है। ऐसे में लोगों को राहत कहां मिल रही है? कर्जों का पुनर्गठ किया जा रहा है, जिसे पूर्व में किया जाना चाहिए था।”

दत्ता ने कहा कि लाखों लोग अपनी बीमारियों के उपचार के लिए अस्पतालों में हैं, कई लोगों की आमदनी का जरिया खत्म हो गया है। केंद्र सरकार को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए एवं मोराटोरियम और ब्याज पर ब्याज को माफ किए जाने को लेकर फैसला करना चाहिए।

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