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अब्दुल्ला के चीन प्रेम पर भाजपा का हमला, कहा- राहुल और फारूक एक ही सिक्के के दो पहलू

नई दिल्‍ली। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के चीन प्रेम पर भाजपा ने सोमवार को जमकर निशाना साधा। भाजपा प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला ने अपने इंटरव्यू में चीन की विस्तारवादी मानसिकता को न्यायोचित ठहराया है। ऐसा नहीं है कि केवल फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ऐसा कहते हैं। यदि आप इतिहास में जाएंगे और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) जी के हाल-फिलहाल के बयानों को सुनेंगे तो आप पाएंगे कि ये दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।

पात्रा ने कहा कि इन्हीं फारूक अब्दुल्ला ने भारत के लिए कहा था कि PoK क्या तुम्हारे बाप का है, जो तुम PoK ले लोगे, क्या पाकिस्तान ने चूड़ियां पहनी हैं। यह भी याद करिए, ये वही राहुल गांधी हैं, जिन्होंने एक हफ्ते पहले कहा था कि प्रधानमंत्री कायर है, प्रधानमंत्री छुपा हुआ है, डरा हुआ है। याद करिए सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाकर राहुल गांधी पाकिस्तान में हीरो बने थे। आज फारूक अब्दुल्ला चीन में हीरो बने हैं। असल में पाकिस्तान और चीन को लेकर जिस प्रकार की नरमी और भारत को लेकर जिस प्रकार की बेशर्मी इनके मन में है यह ढेर सारे सवाल खड़े करती है।

भाजपा प्रवक्ता ने फारूक अब्‍दुल्‍ला पूर्व के एक और बयान का उल्‍लेख किया। उन्‍होंने कहा कि 24 सितंबर को फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि आप यदि जम्मू-कश्मीर में जाकर लोगों से पूछेंगे कि क्या वह भारतीय हैं, तो लोग कहेंगे कि नहीं हम भारतीय नहीं हैं। अब वहीं फारूक अब्‍दुल्‍ला देशद्रोही बयान देते हैं कि भविष्य में हमें यदि मौका मिला तो हम चीन के साथ मिलकर अनुच्छेद 370 को वापस लाएंगे। फारूक और राहुल दोनों ही दूसरे देशों की तारीफ करते हैं, जबकि अपने देश, प्रधानमंत्री और आर्मी के विरोध में बयानबाजी करते हैं। यह कहां तक सही है।

संबित पात्रा ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला कहते हैं कि यदि चीन का हमला हुआ है तो इसकी एक ही वजह होगी कि अनुच्छेद 370 को हिन्दुस्तान ने हटाया। फारूक अब्दुल्ला का यह कहना कि अच्छा होगा यदि हम चीन के साथ मिल जाएं। फारूक अब चीन की विस्तारवादी मानसिकता को न्यायोचित ठहरा रहे हैं। क्या ये देश विरोधी बातें नहीं हैं? देश की संप्रभुता पर सवाल उठाना, देश की स्वतंत्रता पर प्रश्नचिह्न लगाना क्या एक सांसद को शोभा देता है? फारूक अब्‍दुल्‍ला का यह बयान देश कतई स्‍वीकार नहीं करेगा। यह न केवल चिंतनीय है, बल्कि बेहद दुखद है।

उल्‍लेखनीय है कि फारूक अब्दुल्ला ने एक बार फिर अनुच्छेद-370 के राग अलापते हुए चीन की मदद से पुरानी  व्यवस्था को बहाल करने का दावा किया है। फारूक ने एक माह में दूसरी बार चीन का सहारा लेकर विवादित बयान  दिया है। उन्होंने एक मीडिया समूह से बातचीत में कहा कि उम्मीद है कि चीन के समर्थन से अनुच्छेद-370 को  फिर बहाल किया जा सकता है। फारूक यही नहीं रुके उन्‍होंने यह भी कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव का  कारण भी अनुच्छेद-370 को हटाया जाना ही है।

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