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25 करोड़ प्रवासी मजदूरों की पोर्टल के जरिए भर्ती करेगी केंद्र सरकार

केंद्र सरकार जल्द ही असंगठित क्षेत्र के प्रवासियों और अन्य श्रमिकों के लिए एक पोर्टल खोलने जा रही है जिससे आने वाले कुछ सालों में कम से कम 25 करोड़ मजदूरों का नामांकन हो सकेगा। इस पोर्टल के जरिए प्रवासी मजदूरों के सामाजिक कल्याण पर काम होगा। हाल ही में पद संभालने वाले केंद्रीय श्रम सचिव अपूर्व चंद्र ने कहा कि अभी इस पोर्टल को खोलने का प्रस्ताव रखा है। श्रम सचिव अपूर्व चंद्र ने कहा कि यह पोर्टल कई कार्यक्रमों से भी जुड़ा रहेगा जैसे आयुष्मान भारत या सब्सिडी वाली राशन योजना गरीब कल्याण अन्ना योजना, और श्रमिकों को मोबाइल फोन के माध्यम से सीधे पंजीकृत किया जाएगा।

चंद्रा ने कहा कि पोर्टल और सर्वेक्षण से सरकार को माइग्रेशन पैटर्न को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है और अलग-अलग तरह मजदूरों को डेटा जुटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, कार्यकर्त्ता आधार कार्ड से अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं या फिर दूसरे तीरकों से भी इसे पूरा किया जा सकता है। बता दें कि लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा, अपने घर लौटने के लिए पैदल जाते हुए मजदूरों को देखकर केंद्र सरकार की आलोचना हुई।

मंत्रालय ने कहा कि 1.4 करोड़ प्रवासी कर्मचारी लॉकडाउन के दौरान घर लौट आए, लेकिन विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि ये डेटा सिर्फ श्रमिक विशेष ट्रेनों से यात्रा करने वाले मजदूरों का था और बस, ट्रक और अन्य साधनों से लौटने की कोशिश करने वाले श्रमिकों को इसमें शामिल नहीं किया गया।

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