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चीन में दुनिया का सबसे बड़ा जनगणना अभियान शुरू, जानिए पूछे जा रहे कौन से सवाल

बीजिंग। कोरोना महामारी के कारण जहां दुनिया के कई देशों में नियमित कामकाज भी ठप है। वहीं, कोरोना महामारी से उबरने के बाद चीन दुनिया का सबसे बड़ा जनगणना अभियान चला रहा है। जनसंख्या के लिहाज से विश्व के सबसे बड़े देश चीन में 7वीं जनगणना हो रही है, जिसमें एक अरब से अधिक लोग भाग लेगें। जनगणना में घर-घर जाकर नाम, आइडी नंबर, लिंग, वैवाहिक स्थिति, शिक्षा और व्यवसाय के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। चीन में हर 10 साल पर जनगणना होती है।

जनगणना के दौरान 70 लाख कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों की जानकारी जुटा रहे हैं। इस दौरान लोगों से इस बात की भी जानकारी मांगी जा रही है कि क्या उनके परिवार के सदस्य हांगकांग या ताइवान में रहते हैं। इस सर्वे का परिणाम अप्रैल में सामने आएंगे। साल 2010 के मुकाबले इस बार हो रही जनगणना में कुछ बदलाव भी किए गए हैं।

स्मार्टफोन और टैबलेट का इस्तेमाल

कोरोना संक्रमण की वहज से इस बार की जनगणना पूरी तरह से डीजिटल होगी। पेन और पेपर के बजाय जनगणना करने वालों को स्मार्टफोन और टैबलेट दिया गया है। एक महीने से अधिक चलने वाला सर्वे 10 दिसंबर को समाप्त होगा। 2010 की जनगणना में केवल 10 दिन लगे थे। पहले की तुलना में सवालों की संख्या बढ़कर 19 कर दी गई है।

इलेक्ट्रॉनिक पंजीकरण से जनगणना

इस सर्वे में पली बार पहचान पत्र की संख्या से लोगों की जानकारी को इलेक्ट्रॉनिक रूप से एकत्र किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि पहचान पत्र की सटीकता को सुनिश्चित करने के लिए इसे पुलिस, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य अधिकारियों द्वारा दर्ज आंकड़ों के साथ विवरण का मिलान किया जाएगा। लोगों की जानकारी को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा और किसी अन्य उद्देश्य के लिए इसका उपयोग नहीं किया जाएगा।

कार और घर की जानकारी

इस बार लोगों को हांगकांग, मकाऊ और ताइवान में रहने वाले परिवार के सदस्यों की संख्या का भी खुलासा करना होगा। परिवार के उन सदस्यों पर कोई अन्य विवरण नहीं पूछा जाएगा। इस लंबी प्रश्नावली में लोगों से हर महीने दिए जाने वाले किराए की राशि की जानकारी भी मांगी जाएगी। जनगणना में लोगों से पहली बार यह पूछा जाएगा की क्या वे कार के मालिक हैं।

ज़मीन का अधिकार

पिछली गलगणना में लोगों से पूछा गया था कि क्या उन्हें घरेलू पंजीकरण प्रणाली के तहत शहरी या ग्रामीण निवास की अनुमति प्रप्त है। वहीं, इस वर्ष की जनगणना में बस इतना पूछा जाता है कि क्या वे ग्रामीण भूमि पर प्रबंधन का अधिकार रखते हैं। बता दें कि चीन में राज्यों के बजाय सभी ग्रामीण भूमि स्थानीय सामूहिक के स्वामित्व में हैं। किसानों को दीर्घकालिक अनुबंधों के तहत अपने स्थानीय सामूहिक स्वामित्व वाली भूमि का उपयोग करने का अधिकार है और यदि वे चाहें तो अपनी भूमि के प्रबंधन को दूसरों को पट्टे पर दे सकते हैं।

बुजुर्गों की जानकारी

2010 की जनगणना में 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के नागरिकों को उनके स्वास्थ्य की जानकारी देने को कहा गया था। पहली बार उनसे रहने की स्थिति के बारे में पूछा जा रहा है, जैले- अकेले रहना, साथी के साथ रहाना, अपने बच्चों के साथ या किसी संस्था में रहना। चीन दशकों से एक-बच्चा नीति का पालन कर रहा है। इसकी वजह से उसकी आबादी का एक बड़ा हिस्सा वृद्ध हो रहा था। इसलिए, चीन ने 2016 से लोगों को दूसरी संतान की अनुमति दी है। साल 2018 में लगभग हर पांचवें चीनी नागरिकों की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक थी।

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