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प्रधानमंत्री मोदी कोरोना संक्रमण के मौजूदा हालात की समीक्षा के लिए राज्यों के साथ कर सकते हैं बैठक

नई दिल्‍ली। देश के कई राज्‍यों में कोरोना संक्रमण के मामले बड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कोरोना संक्रमण की स्थितियों पर लगातार नजरें बनाए हुए हैं। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी कोविड-19 की मौजूदा स्थिति की समीक्षा और टीका वितरण की रणनीति के मसले पर मुख्यमंत्रियों एवं राज्यों केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों के साथ मंगलवार को बैठक कर सकते हैं। कोरोना के मसले पर प्रधानमंत्री पहले भी लगातार कई बैठकें कर चुके हैं।

समाचार एजेंसी पीटीआइ ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि प्रधानमंत्री मंगलवार को डिजिटल माध्यम के जरिए इस बैठक को अंजाम दे सकते हैं। प्रधानमंत्री एक बैठक उन आठ राज्यों के साथ कर सकते हैं जहां कोरोना के मामलों में तेज बढ़ोतरी देखी जा रही है। सूत्रों की मानें तो दूसरी बैठक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ कोविड-19 टीके की वितरण रणनीति पर चर्चा को लेकर हो सकती है।

देश के कई राज्‍यों में बीते कुछ दिनों से कोरोना के ज्‍यादा मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि गनीमत की बात यह है कि देश में कुल मिलाकर आंकड़ा 50 हजार के नीचे ही बना हुआ है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कुछ राज्‍यों ने अपने कुछ शहरों में एहतियाती तौर पर रात का कर्फ्यू भी लगाने का फैसला किया है। फिलहाल केंद्र सरकार कोरोना का टीका आने पर उसके सुचारू वितरण व्यवस्था की योजनाएं बनाने में जुटी है।

मौजूदा वक्‍त में भारत में पांच वैक्सीन तैयार होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इनमें से चार परीक्षण के दूसरे या तीसरे चरण में जबकि एक पहले या दूसरे चरण में है। इस बीच केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी पर लगाम लगाने के लिए उत्तर प्रदेश, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में उच्च स्तरीय टीमें भेजी हैं। इन राज्यों में या तो सक्रिय मामलों की संख्या तेजी के साथ बढ़ रही है या रोजाना ज्यादा संख्या में नए मामले सामने आ रहे हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा कि तीन सदस्यीय ये टीमें हर उस जिले का दौरा करेंगी, जहां कोरोना के ज्यादा मामले मिल रहे हैं। टीम के सदस्य महामारी की रोकथाम, निगरानी, टेस्टिंग और मरीजों के बेहतर इलाज के कार्यो में स्थानीय प्रशासन की मदद करेंगे। समय से जांच और उसके बाद की चुनौतियों से निपटने में भी टीम के सदस्य स्थानीय अधिकारियों की मदद करेंगे। इससे पहले, केंद्र ने हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मणिपुर, और छत्तीसगढ़ भी उच्च स्तरीय टीमें भेजी थीं।

मंत्रालय के मुताबिक महाराष्ट्र और केरल को छोड़कर सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सक्रिय मामले 20 हजार से 50 हजार के बीच हैं। ये राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं-दिल्ली (39,741), बंगाल (25,391), कर्नाटक (24,733), उत्तर प्रदेश (23,471), राजस्थान (21,951), छत्तीसगढ़ (20,659) और हरियाणा (20,325)। महाराष्ट्र में 80,878 और केरल में 66,982 सक्रिय मामले हैं।

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