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पंजाब

पंजाब सरकार ने किसानों को दी बड़ी सौगात! अमृतसर, गुरदासपुर, मोहाली में…

गुरदासपुर  : पंजाब सरकार द्वारा इस वर्ष पंजाब में धान की रोपाई का काम 3 चरणों में शुरू करने के निर्णय के अनुसार गुरदासपुर सहित अन्य विभिन्न जिलों में धान की रोपाई का काम 5 जून से शुरू होने जा रहा है। इसके तहत किसानों ने जोर-शोर से तैयारियां शुरू कर दी हैं। साथ ही किसानों को तीन चरणों में बिजली आपूर्ति मिलने के कारण किसानों ने आज से ही कद्दू लगाकर खेतों को तैयार भी कर लिया है। उल्लेखनीय है कि किसानों की मांग के अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पिछले साल के मुकाबले इस बार धान की रोपाई जल्दी शुरू करने की अनुमति दी थी, जिसके बाद गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, अमृतसर, तरनतारन, रोपड़, मोहाली और फतेहगढ़ साहिब जिलों में 5 जून से धान की रोपाई शुरू करने की मंजूरी दी गई थी। सरकार के इस फैसले से किसानों को बड़ी राहत महसूस हुई और साथ ही किसानों की मांग के अनुसार इस बार धान की रोपाई से पहले ही किसानों को थ्री फेस बिजली की सप्लाई मिलनी शुरू हो गई, जिससे न केवल किसानों ने चारे के साथ-साथ अपनी पौध और गन्ने की फसल की सिंचाई की, बल्कि इससे बागवानों को भी काफी फायदा हुआ।

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धान की पौध तैयार

जिला गुरदासपुर के मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. अमरीक सिंह ने कहा कि वे किसानों के बहुत आभारी हैं, जिन्होंने समय से पहले धान की रोपाई करने से परहेज किया है। बेशक कुछ किसानों ने खेतों में पानी छोड़कर तय तिथि से पहले भी धान की बिजाई करने की कोशिश की थी, लेकिन कृषि विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर ऐसे किसानों को नोटिस जारी किए थे और कई जगह किसानों द्वारा समय से पहले बोई गई धान भी नष्ट हो गई थी। उन्होंने कहा कि समय से पहले लगाई गई धान पर जहां बीमारियां हमला करती हैं, वहीं भूजल भी बर्बाद होता है। इसी कारण सरकार ने धान की बिजाई का समय बहुत सोच-समझकर तय किया है। उन्होंने कहा कि किसान पूरी संयमता के साथ धान की बिजाई करें और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही सब कुछ करें।

2.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में होगी धान की खेती

डॉ. अमरीक सिंह ने कहा कि इस वर्ष किसान करीब 2.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती करेंगे। गुरदासपुर जिले में खाद व दवाइयों की कोई कमी नहीं है और हर किसान को उसकी जरूरत के अनुसार हर कृषि इनपुट मिल रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अनावश्यक खाद व दवाइयों का प्रयोग न करें।

सीधी बिजाई की ओर भी किसानों का रुझान

ब्लॉक गुरदासपुर के कृषि अधिकारी डॉ. गगनदीप सिंह ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग गुरदासपुर जिले में भी किसानों को धान की सीधी बिजाई करवाने के लिए प्रेरित कर रहा है। इसके लिए सरकार सीधी बिजाई करने वाले किसानों को 1500 रुपये प्रति एकड़ की दर से अनुदान भी देती है, ताकि किसान धान की सीधी बिजाई करने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने बताया कि कई किसान धान की सीधी बिजाई कर चुके हैं और कुछ किसान ऐसे भी हैं, जो पिछले कई सालों से सीधी बिजाई विधि से धान की खेती कर रहे हैं।

मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. अमरीक सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर गुरदासपुर जिले के साथ-साथ कुछ अन्य जिलों को भी चुनकर यहां एक विशेष परियोजना शुरू की है, जिसके तहत धान छोड़कर मक्के की खेती करने वाले किसानों को 7000 रुपये प्रति एकड़ की विशेष राशि दी जाएगी। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग लगातार किसानों को मक्के की खेती करने के लिए प्रेरित कर रहा है, ताकि किसान मक्के की खेती करके भूजल बचाने और अपनी आय बढ़ाने में अपना योगदान दे सकें।

बासमती की जगह परमल की किस्मों की ओर रुझान

इस बार किसानों का रुझान बासमती की जगह परमल की कम समय तक पकने वाली किस्मों की खेती की ओर दिख रहा है। खास तौर पर किसानों ने पीआर 128, पीआर 110, 132, 126 और 130 की पौध तैयार की है। इन किस्मों में समय कम लगता है और जल्दी पकने के कारण समय पर खेत खाली हो जाते हैं। साथ ही इनका उत्पादन भी अच्छा होता है, जिसके कारण किसान अब इन किस्मों को तरजीह देने लगे हैं। वहीं, सरकार द्वारा पूसा 44 और हाइब्रिड किस्मों की खेती पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिए जाने के कारण इस बार किसानों ने इन किस्मों पर ध्यान नहीं दिया और किसान उपरोक्त किस्मों को ही तरजीह दे रहे हैं।

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