ब्रेकिंग
Dhamanheri Youth Death in UK: बेहतर भविष्य के सपने लेकर इंग्लैंड गए 20 वर्षीय कंवलजीत की अचानक मौत Rewari Food Poisoning News: रेवाड़ी में कन्या पूजन का प्रसाद खाने से तीन बच्चियों की तबीयत बिगड़ी, द... Kurukshetra Police Encounter: कुरुक्षेत्र में पुलिस और नशा तस्करों के बीच जबरदस्त मुठभेड़, 40 लाख का... Tiger Shroff Firing Case: मात्र 34 हजार रुपए में ली गई थी टाइगर की सुपारी, कोटा से गिरफ्तार हुए तीनो... Haryana Police Transfer: हरियाणा में पुलिस विभाग का बड़ा फेरबदल, 28 IPS-HPS अधिकारियों के तबादले Neeraj Kumar Health Update: JDU MLC उम्मीदवार नीरज कुमार को पड़ा दिल का दौरा, पटना के मेदांता अस्पता... Jharkhand Drugs Syndicate: झारखंड में NCB का बड़ा एक्शन, रांची और जमशेदपुर से मास्टरमाइंड जिम्मी समे... Tiger Shroff Firing Case Update: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में कोटा से तीनों आरोपी गिरफ्तार, फुटबॉल ... Stock Market Holiday Today: विजयादशमी पर आज बंद रहेगा शेयर बाजार, जानें कब होगी नॉर्मल ट्रेडिंग और क... Karnataka Crime News: कर्नाटक के विजयपुरा में अवैध संबंध के चक्कर में रची गई खौफनाक साजिश, पत्नी ने ...
उत्तरप्रदेश

हैक कर तोड़ देता था लॉक, उड़ाईं 200 लग्जरी गाड़ियां; नोएडा के 8वीं पास सोनू की कहानी

उत्तर प्रदेश के नोएडा में पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक लॉक को हैक कर कार चोरी करने वाले गैंग को गिरफ्तार किया है. गैंग के मास्टरमाइंड समेत 6 शातिर चोर मंगलवार को पुलिस के हत्थे चढ़े हैं. इनके पास से पुलिस को चोरी की 10 लग्जरी कार भी बरामद हुई हैं. यह गैंग चोरी के वाहनों को यूपी के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से लेकर देश के कई राज्यों में फर्जी दस्तावेज बनाकर बेच देता था.

सेक्टर-113 पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों में गिरोह का मास्टर माइंड सोनू समेत खलील, मोनू कुमार, राजेश कक्कड़, अली शेर उर्फ इमरान और प्रमोद शामिल है. आठवीं पास सोनू वाहनों के इलेक्ट्रॉनिक लॉक को हैक करने में एक्सपर्ट है. ये गिरोह ईसीएम (इलेक्ट्रॉनिक कंटेंट मैनेजमेंट) मशीन को री-प्रोग्राम कर नए कोड जनरेट कर डुप्लीकेट चाबी से लग्जरी वाहनों की चोरी करता था.

आरोपियों ने बताया- वारदात को अंजाम देने में 5-10 मिनट का समय लगता है. गिरोह कार चोरी करने के बाद उनके नंबर प्लेट आदि हटा देते थे. फिर कार को 2-3 दिनों के लिए किसी सुरक्षित स्थान पार्किंग अथवा सुनसान स्थान पर खडा कर देते थे. उसके बाद फर्जी दस्तावेज बनाकर और नई नंबर प्लेट लगाकर अन्य राज्यों में गाड़ियों को बेच देते थे.

इस तरह देते थे वारदात को अंजाम

बदमाशों ने बताया- चुराई हुई गाड़ियों को जब वे लोग दूसरे ठिकाने में ले जाते तो रास्ते में उन्हें गिरोह के सदस्य सचेत करते रहते कि आगे रास्ता क्लियर है. यानि वहां कोई पुलिस नहीं है. अगर आगे उन्हें पुलिस दिखती तो वे गाड़ी को साइड में पार्क करते. फिर उसे ठीक करने के बहाने तब तक रुके रहते जब तक कि पुलिस वहां से न चली जाए.

200 से अधिक कारों की चोरी

चोरी किए गए वाहनों के खरीददार पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, चेन्नई और नॉर्थ-ईस्ट आदि प्रदेशों के होते थे. इस गिरोह ने माना कि उन्होंने 200 से अधिक गाड़ियां चोरी की हैं. चोरी के सभी वाहनों को यूपी के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से लेकर देश के कई राज्यों में बेचा है, जिनकी तलाश की जा रही है.

सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से मिली लीड

डीसीपी ने बताया कि कुछ दिन पहले सोरखा गांव से एक व्यक्ति की फॉर्च्यूनर चोरी हुई थी. चोरी की वारदात को अंजाम देते हुए बदमाश सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे. वीडियो के आधार पर पुलिस बदमाशों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी का खाका तैयार करने लगी. एसीपी की अगुवाई में 15 पुलिसकर्मियों की एक टीम गठित की गई. सोमवार को गिरोह के बदमाश जब दोबारा चोरी करने के लिए नोएडा की सीमा में दाखिल हुए तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

Related Articles

Back to top button