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उत्तरप्रदेश

हैक कर तोड़ देता था लॉक, उड़ाईं 200 लग्जरी गाड़ियां; नोएडा के 8वीं पास सोनू की कहानी

उत्तर प्रदेश के नोएडा में पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक लॉक को हैक कर कार चोरी करने वाले गैंग को गिरफ्तार किया है. गैंग के मास्टरमाइंड समेत 6 शातिर चोर मंगलवार को पुलिस के हत्थे चढ़े हैं. इनके पास से पुलिस को चोरी की 10 लग्जरी कार भी बरामद हुई हैं. यह गैंग चोरी के वाहनों को यूपी के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से लेकर देश के कई राज्यों में फर्जी दस्तावेज बनाकर बेच देता था.

सेक्टर-113 पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों में गिरोह का मास्टर माइंड सोनू समेत खलील, मोनू कुमार, राजेश कक्कड़, अली शेर उर्फ इमरान और प्रमोद शामिल है. आठवीं पास सोनू वाहनों के इलेक्ट्रॉनिक लॉक को हैक करने में एक्सपर्ट है. ये गिरोह ईसीएम (इलेक्ट्रॉनिक कंटेंट मैनेजमेंट) मशीन को री-प्रोग्राम कर नए कोड जनरेट कर डुप्लीकेट चाबी से लग्जरी वाहनों की चोरी करता था.

आरोपियों ने बताया- वारदात को अंजाम देने में 5-10 मिनट का समय लगता है. गिरोह कार चोरी करने के बाद उनके नंबर प्लेट आदि हटा देते थे. फिर कार को 2-3 दिनों के लिए किसी सुरक्षित स्थान पार्किंग अथवा सुनसान स्थान पर खडा कर देते थे. उसके बाद फर्जी दस्तावेज बनाकर और नई नंबर प्लेट लगाकर अन्य राज्यों में गाड़ियों को बेच देते थे.

इस तरह देते थे वारदात को अंजाम

बदमाशों ने बताया- चुराई हुई गाड़ियों को जब वे लोग दूसरे ठिकाने में ले जाते तो रास्ते में उन्हें गिरोह के सदस्य सचेत करते रहते कि आगे रास्ता क्लियर है. यानि वहां कोई पुलिस नहीं है. अगर आगे उन्हें पुलिस दिखती तो वे गाड़ी को साइड में पार्क करते. फिर उसे ठीक करने के बहाने तब तक रुके रहते जब तक कि पुलिस वहां से न चली जाए.

200 से अधिक कारों की चोरी

चोरी किए गए वाहनों के खरीददार पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, चेन्नई और नॉर्थ-ईस्ट आदि प्रदेशों के होते थे. इस गिरोह ने माना कि उन्होंने 200 से अधिक गाड़ियां चोरी की हैं. चोरी के सभी वाहनों को यूपी के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से लेकर देश के कई राज्यों में बेचा है, जिनकी तलाश की जा रही है.

सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से मिली लीड

डीसीपी ने बताया कि कुछ दिन पहले सोरखा गांव से एक व्यक्ति की फॉर्च्यूनर चोरी हुई थी. चोरी की वारदात को अंजाम देते हुए बदमाश सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे. वीडियो के आधार पर पुलिस बदमाशों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी का खाका तैयार करने लगी. एसीपी की अगुवाई में 15 पुलिसकर्मियों की एक टीम गठित की गई. सोमवार को गिरोह के बदमाश जब दोबारा चोरी करने के लिए नोएडा की सीमा में दाखिल हुए तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

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