ब्रेकिंग
Defence Production: भारत के रक्षा उत्पादन ने छुई नई ऊंचाई; 1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा ... Regional Parties vs Congress: क्षेत्रीय दलों में टूट का किसे मिलेगा फायदा? भारतीय राजनीति में कांग्र... Political Shift in India: INDIA गठबंधन को बड़ा झटका; टीएमसी और शिवसेना (UBT) में टूट के बाद NDA हुआ औ... Shiv Sena UBT Crisis: संजय राउत ने बागियों को दी चेतावनी; कहा- 'इस्तीफा देकर जाएं, कार्यकर्ताओं के ख... Ayodhya Ram Mandir: दानपात्र गबन मामले पर बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान; कहा- 'बिना धुएं के आग नहीं न... Jaipur Fire Accident: पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड का मुख्य आरोपी कय्यूम खान गिरफ्तार; कचरा बीनकर बिता र... Greater Noida Police: सूर्य ग्लोबल कंपनी में शर्मनाक वारदात; दो आरोपी गिरफ्तार, ICU में भर्ती है पीड़... Regional Parties vs Congress: क्षेत्रीय दलों में टूट का किसे मिलेगा फायदा? भारतीय राजनीति में कांग्र... NEET Exam Tension: डॉक्टर बनने का सपना अधूरा; अलवर की छात्रा रेणु मीणा ने दी जान, इलाके में शोक की ल... Bihar News: छपरा-हाजीपुर फोरलेन का अधूरा पुल; 15 वर्षों से निर्माणाधीन, अब 40 करोड़ के नए ठेके से जग...
देश

जीरो टॉलरेंस की बात करने वाले CM योगी के गृह जिले में अपराधियों को खुली छूट: अखिलेश

लखनऊः समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में शांति व्यवस्था को ही सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है, जबकि सत्ता संरक्षित अपराधियों का बोलबाला है। यादव ने मंगलवार को कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बातें तो बहुत करते हैं लेकिन उनके ही गृह जिले में अपराधियों को खुली छूट है। भाजपा सरकार से प्रदेश को अपराध मुक्त करने की उम्मीद करना मुंगेरीलाल का सपना ही साबित होना है।

उन्होंने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रदेश में छिनौती की बढ़ती घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि महिलाओं में इससे भय व्याप्त है। वे आभूषण पहनकर बाहर नहीं निकल सकती हैं। न्यायमूर्तियों ने कहा है कि अपराधियों पर लगाम कसी जानी चाहिए। कोई दिन ऐसा नहीं जाता जब राजधानी में भी ठगी और छिनैती की घटनाएं न घटती हों। अपहरण, हत्या, लूट और दुष्कर्म की वारदातें रोज ही सामने आती हैं। पुलिस ज्यादातर मामलों में रिपोर्ट दर्ज करके ही खाना पूरी कर लेती है।

खुद मुख्यमंत्री के वीवीआईपी जिले गोरखपुर में पेशेवर लुटेरों और डकैतों का बड़ी तादाद में होना साबित करता है कि अपने कार्यकाल में प्रदेश को तो छोड़िए अपने शहर में ही कानून व्यवस्था बनाए रखने में मुख्यमंत्री विफल साबित हो रहे हैं। यह स्थिति नितांत शर्मनाक है। एडीजी पुलिस ने पिछले दिनों गोरखपुर और बस्ती मण्डल में अपराध और अपराधियों की सूची बनवाई थी। उनके हिसाब से उक्त मण्डलों के सात जिलों में 2749 घटनाओं में टॉप क्लास के बदमाश शामिल थे। गोरखपुर में सबसे ज्यादा लुटेरे और डकैत हैं। यहां पांच लाख या उससे अधिक रुपए तथा सम्पत्ति की लूट करने वालों की संख्या 979 तथा डकैती डालने वाले 100 बदमाशों की सूची बनी है। 25 ऐसे लुटेरे है जो लूट का विरोध करने पर हत्या करने से भी गुरेज नहीं करते हैं। संतकबीरनगर में सुपारी लेकर हत्या करने वाले 426 पेशेवर शूटर चिह्नित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी की ठोको नीति का अनुपालन करते हुए पुलिस के जवान और अधिकारी भी शांतिप्रिय नागरिकों पर अत्याचार करना अपना अधिकार मानते हैं। आजमगढ़ के रौनापार पलिया गांव में दलित बस्ती के मकान ढहाए गए। यादव ने कहा कि भाजपा राज में कई जनपदों में जहरीली शराब और अवैध खनन में संलिप्त अपराधियों पर किसी न किसी भाजपा नेता का हाथ होने का अवश्य प्रमाण मिला है। जाति और पार्टी देखकर कार्यवाही किए जाने के निर्देश के फलस्वरूप पुलिस का मनोबल भी गिरा हुआ है। समाजवादी पार्टी सरकार में पुलिस तंत्र की सुचारू व्यवस्था के लिए यूपी डायल 100 और महिलाओं सम्बंधी अपराधों के नियंत्रण के लिए 1090 सेवा शुरू की गई थी।

Related Articles

Back to top button