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AN-32 crash: अरुणाचल के दुर्गम इलाके से 17 दिन बाद बचाव दल को सकुशल वापस लाया गया

ईटानगर। AN-32 crash: भारतीय वायुसेना के दुर्घटनाग्रस्त AN-32 विमान के दुर्गम इलाके से खोजी और बचाव दल को एयरलिफ्ट कर वापस लाया गया है। इस अभियान में शामिल सभी सदस्य का स्वास्थ्य ठीक है। ALH और Mi-17V5 हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल करके एयरफोर्स के 15, आर्मी के 4 और 3 नागरिकों को वापस लाया गया है।

बता दें कि बचाव दल के सदस्य खराब मौसम की वजह से पिछले 17 दिनों से वहां फंसे हुए थे। खराब मौसम की वजह काफी इस अभियान में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शवों को निकालने गया यह दल 12 जून को 12 हजार फीट की ऊंचाई पर सियांग और शी-योमी जिलों की सीमा पर स्थित दुर्घटनास्थल में बचाव दल को विमान से उतारा गया था।

इससे पहले शिलांग स्थित वायुसेना के प्रवक्ता विंग कमांडर रत्नाकर सिंह ने शनिवार को कहा कि इस दुर्गम दुर्घटनास्थल से 13 लोगों के शवों और अवशेषों के अलावा विमान का ब्लैक बॉक्स भी बचाव दल ने ढूंढ निकाला था, लेकिन 17 दिनों के बाद भी उन्हें वहां से निकाला नहीं जा सका। बचाव दल अब भी मौसम में सुधार का इंतजार कर रहा है ताकि उन्हें वहां से एयरलिफ्ट किया जा सके। वायुसेना जल्द से जल्द बचाव दल की पर्वतारोही टीम को वापस सुरक्षित निकालना चाहता है। चूंकि यहां मानसून सक्रिय हो चुका है और मौसम साफ नहीं होने के कारण विमानों की उड़ान संभव नहीं हो पा रही है।

3 जून को गायब हुआ था विमान 
इस विमान ने 3 जून को दोपहर 12.25 बजे असम के जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरी थी। इस विमान का दोपहर 1 बजे के बाद से विमान से संपर्क टूट गया। वायुसेना ने इस विमान को खोजने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया। इस अभियान के लिए सुखोई 30 एयरक्राफ्ट और सी-130 स्पेशल ऑपरेशन एयरक्राफ्ट को लॉन्च किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वायुसेना के उप प्रमुख राकेश सिंह भदौरिया से बातचीत की। काफी देर तक जानकारी न मिलने पर सर्च अभियान में थल सेना भी भी जुट गई।

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