ब्रेकिंग
Supreme Court Ruling: सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला— बच्चों का इंटरनेट इस्तेमाल करना है मौलिक अधिकार Kota Medical College News: कोटा में प्रसूता की संदिग्ध मौत पर हंगामा, सीजेरियन डिलीवरी और इंजेक्शन ल... Banda Road Accident News: उत्तर प्रदेश के बांदा में तेज रफ्तार बाइक ने महिला को मारी टक्कर, इलाज के ... Yogi Adityanath on Navratri 2026: सीएम योगी ने की मां कालरात्रि की आराधना, कहा— '2017 से पहले प्रदेश... RG Kar Medical College Case: आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को मिली जमानत, समिक भट्टाचार्य का ... Pregnancy Scan Guide: प्रेगनेंसी में अल्ट्रासाउंड क्यों जरूरी है और डॉक्टर एमआरआई (MRI) कराने से क्य... Greater Noida Mystery: ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में एक ही परिवार के 5 लोगों की संदिग्ध मौत, फूड पॉइजन... Meerut Saurabh Rajput Murder Case: मौत की सजा पाने वाली मुस्कान अब जाएगी हाईकोर्ट, जेल प्रशासन से मा... Lucknow Shiva Sharma Murder Case: करोड़पति कारोबारी हत्याकांड के 9 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से दूर... CJP Founder Abhijit Dipke Bail: कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके को कोर्ट से मिली जमानत, 50...
देश

शिवशंकर की जमानत याचिका पर केरल हाई कोर्ट में दो दिसंबर सुनवाई

कोच्चि। केरल हाई कोर्ट दो दिसंबर को मुख्यमंत्री कार्यालय के पूर्व प्रिंसिपल सचिव एम. शिवशंकर की जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा। पूर्व अधिकारी केरल में राजनयिक चैनल से सोना तस्करी से संबंधित मनी लांड्रिंग मामले में 28 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में हैं। मनी लांड्रिंग मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहा है।

इससे पहले ईडी ने कहा था कि तस्करी मामले की मुख्य आरोपित स्वप्ना सुरेश ने बताया था कि शिवशंकर और मुख्यमंत्री कार्यालय में उनकी टीम को सोना तस्करी की पूरी जानकारी थी। आर्थिक अपराध वाचडाग ने इससे पहले कोर्ट में सुनवाई के दौरान दलील दी थी कि उसके पास यह मानने का पूरा कारण है कि स्वप्ना सुरेश एक मोहरा थी और शिवशंकर सोना तस्करी के असली लाभ उठाने वाले व्यक्ति थे। इसके विपरीत पूर्व अधिकारी ने दलील थी कि उनपर कुछ राजनीतिक टारगेट का नाम लेने का दबाव था और इन्कार करने पर उन्हें मनी लांड्रिंग के तहत आरोपित बनाया गया।

Related Articles

Back to top button