ब्रेकिंग
ED Officers SC ST Act Case Ranchi: हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय, 2 नवंबर को होगी अगल... Jharkhand Food Department Guidelines: अवैध एलपीजी उपयोग रोकने के लिए जिला प्रशासन और तेल कंपनियों मे... Charged for Impact Event Dhanbad: इंडस्ट्री और एकेडमिक सहयोग पर विशेष चर्चा, कई दिग्गज हुए शामिल 174 यात्रियों की जान बचाने वाले जांबाज कैप्टन: स्मित मछार को 'गुजरात गरिमा पुरस्कार' से नवाजेगी सरका... Ranchi News: नामकुम में स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम, मंत्री योगेंद्र प्रसाद ... चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका: संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं पर उठे... Dhamtari Snake Bite News: घर में सो रही मां और मासूम बेटी को करैत सांप ने डसा, डेढ़ साल की बच्ची की द... INDIA गठबंधन के साथ हैं, लेकिन राहुल गांधी की पीएम उम्मीदवारी पर साधी चुप्पी: मध्यावधि चुनाव के संके... CGPSC and UPSC Success Story: कैंसर को मात देकर अधिकारी बने संजय डहरिया की कहानी से युवाओं को मिली प... Chhattisgrah Politics Update: विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही यात्रा, 7 अक्टूबर को पहुंचेगी...
देश

AN-32 विमान की दुर्घटना पर राजनाथ सिंह ने बताई ये सच्चाई

नई दिल्लीः अरुणाचल प्रदेश में हाल ही में हुई दुर्घटना के बाद सवालों के घेरे में आये वायु सेना के परिवहन विमान ए एन-32 को लेकर उठाये जा रहे सवालों पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज स्पष्ट किया कि यह विमान उडने में पूरी तरह सक्षम है और इसके संचालन को लेकर कोई समस्या नहीं है।

राजनाथ सिंह ने सोमवार को राज्यसभा में पूरक प्रश्नों के जवाब में कहा कि अरुणाचल प्रदेश में ए एन-32 विमान की दुर्घटना दुर्भाग्यूपर्ण है। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गयी थी और इसके कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्कवायरी का गठन किया गया है। जांच के बाद ही हादसे के सही कारणों का पता चल सकेगा।

उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद इस विमान के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाये जा रहे हैं और यह दावा किया जा रहा है कि यह उडाने लायक नहीं है लेकिन वह स्पष्ट करना चाहते हैं कि ए एन-32 विमान पूरी तरह सही और उडने तथा अभियानों में हिस्सा लेने में सक्षम है। रक्षा मंत्री ने कहा कि अब तक 52 ए एन-32 विमानों में आधुनिक बदलाव कर उन्हें उन्नत बनाया गया है। कुछ अन्य विमानों में ये बदलाव अभी नहीं किये जा सके हैं लेकिन यह कहना सही नहीं है कि वे उडने में सक्षम नहीं हैं।

रक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विमानों की दुर्घटना की दर में कमी आयी है और प्रति 10 हजार घंटे की उडान में 1992 में यह दर 1.4 फीसदी से कम होकर 0.33 प्रतिशत रह गयी है। वायु सेना का ए एन -32 परिवहन विमान गत तीन जून को दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसका मलबा 11 जून को अरुणाचल प्रदेश में दूरदराज के  लीपो गांव के 16 किलोमीटर उत्तर में दुर्गम क्षेत्र में मिला था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button