ब्रेकिंग
Dhamanheri Youth Death in UK: बेहतर भविष्य के सपने लेकर इंग्लैंड गए 20 वर्षीय कंवलजीत की अचानक मौत Rewari Food Poisoning News: रेवाड़ी में कन्या पूजन का प्रसाद खाने से तीन बच्चियों की तबीयत बिगड़ी, द... Kurukshetra Police Encounter: कुरुक्षेत्र में पुलिस और नशा तस्करों के बीच जबरदस्त मुठभेड़, 40 लाख का... Tiger Shroff Firing Case: मात्र 34 हजार रुपए में ली गई थी टाइगर की सुपारी, कोटा से गिरफ्तार हुए तीनो... Haryana Police Transfer: हरियाणा में पुलिस विभाग का बड़ा फेरबदल, 28 IPS-HPS अधिकारियों के तबादले Neeraj Kumar Health Update: JDU MLC उम्मीदवार नीरज कुमार को पड़ा दिल का दौरा, पटना के मेदांता अस्पता... Jharkhand Drugs Syndicate: झारखंड में NCB का बड़ा एक्शन, रांची और जमशेदपुर से मास्टरमाइंड जिम्मी समे... Tiger Shroff Firing Case Update: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में कोटा से तीनों आरोपी गिरफ्तार, फुटबॉल ... Stock Market Holiday Today: विजयादशमी पर आज बंद रहेगा शेयर बाजार, जानें कब होगी नॉर्मल ट्रेडिंग और क... Karnataka Crime News: कर्नाटक के विजयपुरा में अवैध संबंध के चक्कर में रची गई खौफनाक साजिश, पत्नी ने ...
देश

‘संसद का विशेष सत्र बुला कर मिनटों में हल हो सकता है किसानों का मसला: भगवंत मान’

चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष व सांसद भगवंत मान ने केंद्र सरकार से अपील की है कि संसद का विशेष सत्र बुला कर फसलों की एम.एस.पी. पर खरीद को कानूनी गारंटी दी जाए और सभी काले कानून रद्द किए जाएं। किसानों की मांगें मान कर मसला हल करने की बजाय सरकार ने अडिय़ल और अमानवीय रवैया अपनाया हुआ है, जो अति निंदनीय है।  यहां मीडिया के रू-ब-रू हुए मान ने कहा कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भी पत्र लिख कर विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। इसी तरह राज्यसभा के सदस्यों ने भी विशेष सत्र की मांग की है, क्योंकि मसले का एक मात्र समाधान एम.एस.पी. पर खरीद को कानूनी गारंटी और काले कानूनों को रद्द करना ही है। सरकार किसान नेताओं के साथ 7-7 घंटे बैठकें कर मसले को लटका रही है। सरकार की नीयत खोटी न होती तो मसला सिर्फ साढ़े 7 मिनट में हल किया जा सकता है। जी.एस.टी. के समय पार्लियामैंट रात को खुल सकती है तो अब काले कानूनों को रद्द करने के लिए भी खोला जा सकता है।

‘कैप्टन अमरेंद्र की भूमिका संदेहजनक और सवालों के घेरे में’
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह को आड़े हाथ लेते हुए मान ने कहा कि पूरे मसले के दौरान उनकी भूमिका बेहद संदेहजनक और सवालों के घेरे में रही है। ऐसे लगता है कि जैसे कैप्टन भाजपा के मुख्यमंत्री हों। बीते कल किसानों की बैठक से पहले अमित शाह के साथ अकेले बैठक ने संदेह को और पुख्ता कर दिया है। कैप्टन अचानक दिल्ली आए और सिर्फ शाह के दरबार में हाजिरी लगवा कर चले गए। मान मुताबिक हो सकता है कि कैप्टन को ई.डी. के पास चल रहे मामलों के नाम पर धमकाया हो, क्योंकि केंद्र के पास कैप्टन और उनके परिवार की कई कमजोरियां हैं। इसी दबाव में कैप्टन भाजपा के साथ मिलकर आंदोलन को राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ जोड़ कर कमजोर कर रहे हैं। यह भी कहा कि एक सोची-समझी साजिश के तहत किसान आंदोलन को ‘तारपीडो’ करने के लिए सिर्फ पंजाब का आंदोलन कहा जा रहा है।

अब ड्रामेबाजी कर रहे हैं अकाली
अकाली दल (बादल) की ओर से विरोधी पार्टियों को इकट्ठा करने के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अकाली अब ड्रामेबाजी कर रहे हैं। प्रकाश सिंह बादल किसानों के लिए इतने गंभीर होते तो एन.डी.ए. का हिस्सा रहते हुए कानून बनने ही न देते। अन्य सवाल के जवाब में मान ने कहा कि जब से दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने स्टेडियमों को जेलों में तबदील करने से साफ मना किया है तब से ही भाजपा, कांग्रेस झूठे दोष लगा कर निंदा कर रही हैं।

Related Articles

Back to top button