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कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रपति भवन तक मार्च के लिए कांग्रेस को अनुमति नहीं, पार्टी कार्यालय पहुंचे राहुल

नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों और केंद्र सरकार के बीच गतिरोध जारी। इस बीच कांग्रेस ने सरकार को इस मुद्दे पर घेरने की योजना बनाई है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी आज पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के साथ विजय चौक से राष्ट्रपति भवन तक मार्च करने वाले हैं, जिसके लिए उन्हें अनुमति नहीं मिली है। पार्टी की योजना मार्च निकालने के बाद सुबह 10.45 बजे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को किसानों के समर्थन में दो करोड़ हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपेने की है। दिल्ली पुलिस के केवल तीन नेताओं को राष्ट्रपति से मिलने के लिए अनुमति दी गई है। राहुल पार्टी मुख्यालय पहुंच गए हैं। उनके साथ प्रियंका गांधी भी हैं। यहां पहुंचकर उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों से मुलाकात की।

दिल्ली पुलिस के एडिशनल डीसीपी दीपक यादव ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं के राष्ट्रपति भवन तक मार्च करने की अनुमति नहीं दी गई है। हालांकि, तीन नेताओं को राष्ट्रपति भवन जाने की अनुमति दी गई है। किसान संगठन केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 29 दिन से दिल्ली की सीमाओं पर धरने पर बैठे हैं। पिछले महीने 26 नवंबर से ही उनका प्रदर्शन जारी है।

कांग्रेस के सांसद के सुरेश ने समाचार एजेंसी एएनआइ के साथ बातचीत में कहा कि राहुल गांधी ने पहले भी विपक्षी नेताओं के साथ राष्ट्रपति से मुलाकात की थी और किसानों के मुद्दे को हल करने के लिए ज्ञापन सौंपा था, लेकिन राष्ट्रपति और सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बता दें कि गतिरोध को सुलझाने के लिए केंद्र सरकार ने रविवार को किसान नेताओं को नए दौर की बातचीत के लिए आमंत्रित किया। नए कृषि कानूनों के लेकर सरकार ने किसानों के साथ अब तक कई दौर की बातचीत की है। आठ दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किसान यूनियनों के 13 प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। हालांकि, एक दिन बाद, किसान नेताओं ने केंद्र द्वारा भेजे गए एक प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था।

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