ब्रेकिंग
OTT Censorship: 'सतलुज' विवाद के बाद सख्त हुई सरकार, OTT फिल्मों के लिए CBFC सर्टिफिकेट होगा अनिवार्... ISRO Brain Drain: इसरो में मची खलबली, 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने दिया इस्तीफा, सरकार ने सख्त किए न... Datia By-Election: दतिया में गरजे नरोत्तम मिश्रा, प्रशासन को दी चेतावनी, बोले- 'किसी में हिम्मत नहीं... Datia By-Election: 'नरोत्तम मिश्रा बड़ी चुनौती थे, आशुतोष तिवारी कुछ नहीं', कांग्रेस प्रत्याशी घनश्य... Haldiram in London: लंदन के लीसेस्टर स्क्वायर में खुला हल्दीराम का पहला स्टोर, छोले-भटूरे खाने उमड़ी... Telangana ACB Raid: HMDA के चीफ इंजीनियर के घर छापा, 100 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा Telangana ACB Raid: HMDA के चीफ इंजीनियर बी. रविंदर गिरफ्तार, 9.24 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति जब्त Delhi Education Hub: दिल्ली को शिक्षा का बड़ा हब बनाने की तैयारी, CM रेखा गुप्ता ने DU के छात्रों को... Datia By-Election: जीतू पटवारी का बड़ा दावा- 'दतिया उपचुनाव 25 हजार वोटों से जीतेगी कांग्रेस' Shirdi Sai Baba Prasad: शिरडी में 700 किलो मिलावटी पेड़ा जब्त, FDA ने मारा छापा
देश

सबरीमाला मंदिर मामले में SC पहुंची केरल सरकार, कहा- श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाने का निर्देश गलत

केरल सरकार ने केरल उच्च न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया है, जिसमें सबरीमाला मंदिरमें प्रति दिन दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाकर पांच हजार करने का निर्देश दिया था। राज्य सरकार ने कहा कि कोविड-19 के मद्देनजर इससे पुलिस कर्मियों और स्वास्थ्य अधिकारियों पर ‘‘काफी दबाव’’ बढ़ेगा। केरल उच्च न्यायालय के 18 दिसम्बर के फैसले के खिलाफ दायर की गई याचिका में राज्य सरकार ने कहा कि राज्य ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था, जिसने आम दिनों में दो हजार और सप्ताहांत में तीन हजार लोगों को दर्शन करने की अनुमति देने का फैसला किया।

वकील जी. प्रकाश द्वारा दायर की गई याचिका में राज्य सरकार ने कहा कि इस साल 20 दिसम्बर से अगले साल 14 जनवरी के बीच सबरीमाला मंदिर उत्सव के दौरान कोविड-19 वैश्विक महामारी के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए राज्य ने उच्च स्तरीय समिति का गठन किया और हर दिन दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तय करने के लिए हर पहलू पर विचार किया।14 दिसम्बर को हुई बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के संशोधित स्वास्थ्य परामर्श पर दायर रिपोर्ट पर गौर किया गया और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाकर आम दिनों में दो हजार और सप्ताहांत में तीन हजार की गई।

याचिका में कहा गया कि उच्च न्यायालय ने कुछ प्रतिवादियों द्वारा दायर रिट याचिकाओं का निस्तारण किया, जिसमें सरकार को प्रतिदिन दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाकर पांच हजार करने का निर्देश दिया गया। राज्य सरकार का आरोप है कि उच्च न्यायालय ने किसी भी रिपोर्ट या दस्तावेजों पर उचित तरीके से गौर किए बिना यह फैसला किया। सबरीमला में कोविड-19 से प्रभावित पुलिस कर्मियों, स्वास्थ्य अधिकारियों और श्रद्धालुओं की संख्या पहले से ही अधिक है। मंदिर में प्रवेश पुलिस द्वारा प्रबंधित एक आभासी कतार (वर्चुअल क्यू) द्वारा नियंत्रित किया जाता है और मंदिर में प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं की कोविड-19 जांच भी की जाती है

राज्य सरकार का कहना है कि  श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाने से पुलिस कर्मियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर दबाव बढ़ेगा और इससे श्रद्धालुओं को नियंत्रित करने में भी परेशानी आएगी। याचिका में कहा गया कि मीडिया में इस तरह की खबरें भी आ रही हैं कि इंग्लैंड में कोविड-19 के एक नए प्रकार (स्ट्रेन) का पता चला है और भारत सरकार ने इंग्लैंड से आने-जाने वाली विमान सेवाएं भी निलंबित कर दी है। यही स्थिति केरल सरकार की भी है , जो सबरीमला मंदिर उत्सव के दौरान कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए इस आदेश में तत्काल इस अदालत का हस्तक्षेप चाहती है। अंतरिम राहत के रूप में, याचिका में उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई है।

Related Articles

Back to top button