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2021 के लिए पीएम मोदी का मंत्र; ‘दवाई भी और कड़ाई भी’, राजकोट को दी AIIMS की सौगात

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गुजरात के राजकोट में अखिल भारतीय आयुविज्ञान संस्थान (AIIMS) की आधारशिला रखी। इसके बाद उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत में जल्द ही कोरोना वैक्सीन को मंजूरी मिलेगी और दुनिया का सबसे बड़ा टीका अभियान चलेगा। प्रधानमंत्री ने इस दौरान साल का नया मंत्र भी दिया। उन्होंने कहा,’पहले मैंने कहा था, दवाई नहीं तो ढिलाई नहीं, अब मैं कह रहा हूं कि दवाई भी और कड़ाई भी। साल 2021 का मंत्र दवाई भी और कड़ाई भी होगा।’

उन्होंने इश दौरान यह भी कहा कि साल 2020 में संक्रमण की निराशा थी, चिंताएं थी, चारों तरफ सवालिया निशान थे। लेकिन 2021 इलाज की आशा लेकर आ रहा है। वैक्सीन को लेकर भारत में हर जरूरी तैयारियां चल रही हैं। देश में कोरोना संक्रमण के नए मामलों की संख्या अब कम हो रही है। हम अगले साल दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम चलाने की तैयारी कर रहे हैं। भारत फ्यूचर ऑफ हेल्थ और हेल्थ ऑफ फ्यूचर दोनों में ही सबसे महत्त्वपूर्ण रोल निभाने जा रहा है। जहां दुनिया को मेडिकल प्रोफेशनल्‍स भी मिलेंगे, उनका सेवाभाव भी मिलेगा। यहां दुनिया को मास इम्यूनाइजेशन का अनुभव भी मिलेगा और विशेषज्ञता भी मिलेगी।

वर्ष 2020 ने हमें सिखाया ‘स्वास्थ्य ही संपदा है’

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि ‘स्वास्थ्य ही संपदा है’, वर्ष 2020 ने हमें यह अच्छी तरह से सिखाया है। यह चुनौतियों से भरा वर्ष रहा है। नया साल दस्तक दे रहा है। आज देश के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने वाली एक और कड़ी जुड़ रही है। राजकोट में एम्स के शिलान्यास से गुजरात सहित पूरे देश के स्वास्थ्य और मेडिकल एजुकेशन को बल मिलेगा।

स्वास्थ्य पर जब चोट होती है तो जीवन का हर पहलू बुरी तरह प्रभावित होता है

पीएम मोदी ने कहा कि साल 2020 को एक नई नेशनल हेल्थ फैसिलिटी के साथ विदाई देना, इस साल की चुनौती को भी बताता है और नए साल की प्राथमिकता को भी दर्शाता है। स्वास्थ्य पर जब चोट होती है तो जीवन का हर पहलू बुरी तरह प्रभावित होता है और सिर्फ परिवार नहीं पूरा सामाजिक दायरा उसकी चपेट में आ जाता है। इसलिए साल का ये अंतिम दिन भारत के लाखों डॉक्टर्स, हेल्थ वॉरियर्स, सफाई कर्मियों, दवा दुकानों में काम करने वाले, और दूसरे फ्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स को याद करने का है। कर्तव्य पथ पर जिन साथियों ने अपना जीवन दे दिया है, उन्हें मैं सादर नमन करता हूं।

भारत ने संकट का सामना प्रभावी तरीके से किया

पीएम मोदी ने कहा कि मुश्किल भरे इस साल ने दिखाया है कि भारत जब एकजुट होता है तो मुश्किल से मुश्किल संकट का सामना वो कितने प्रभावी तरीके से कर सकता है। भारत ने एकजुटता के साथ समय पर प्रभावी कदम उठाए, उसी का परिणाम है कि आज हम बहुत बेहतर स्थिति में हैं। जिस देश में 130 करोड़ से ज्यादा लोग हों, घनी आबादी हों। वहां करीब 1 करोड़ लोग इस बीमारी से लड़कर जीत चुके हैं।

वैक्सीन को लेकर अफावहों से बचने की जरूरत

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश में, अफवाहें तेजी से फैलती हैं। अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए या गैर-जिम्मेदार व्यवहार के कारण विभिन्न लोग विभिन्न अफवाहें फैलाते हैं। शायद टीकाकरण शुरू होने पर अफवाहें फैलाई जाएंगी, कुछ पहले ही शुरू हो चुकी हैं। मैं देश के लोगों से अपील करता हूं कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई एक अज्ञात दुश्मन के खिलाफ है। इस तरह की अफवाहों के बारे में सावधान रहें और जिम्मेदार नागरिक बिना चेक किए सोशल मीडिया पर मैसेज फॉरवर्ड करने से परहेज करें।

बीते 6 वर्षों में 10 नए एम्स बनाने पर काम हो चुका है

पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के इतने दशकों बाद भी सिर्फ 6 एम्स ही बन पाए थे। 2003 में अटल जी की सरकार ने 6 नए एम्स बनाने के लिए कदम उठाए थे। उन्हें बनाते बनाते 2012 आ गया था, यानी 9 साल लग गए थे। बीते 6 वर्षों में 10 नए एम्स बनाने पर काम हो चुका है, जिनमें से कई आज पूरी तरह काम शुरू कर चुके हैं।एम्स के साथ ही देश में 20 एम्स जैसे सुपर स्पैशिलिटी हॉल्पिटल्स पर भी काम किया जा रहा।

आयुष्मान भारत से  गरीबों के लगभग 30 हजार करोड़ रुपये ज्यादा बचे

पीएम मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना से गरीबों के लगभग 30 हजार करोड़ रुपये ज्यादा बचे हैं। आप सोचिए, इस योजना ने गरीबों को कितनी बड़ी आर्थिक चिंता से मुक्त किया है। अनेकों गंभीर बीमारियों का इलाज गरीबों ने अच्छे अस्पतालों में मुफ्त कराया है। 2014 से पहले हमारा हेल्थ सेक्टर अलग अलग दिशा में, अलग अलग अप्रोच के साथ काम कर रहा था। प्राइमरी हेल्थ केयर का अपना अलग सिस्टम था, गांव में सुविधाएं न के बराबर थी।

चिकित्सा शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए मिशन मोड पर काम कर रहे

पीएम मोदी ने कहा कि भारत में मातृ मृत्यु दर अतीत की तुलना में बहुत कम हो गई है। परिणाम पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है, कार्यान्वयन और प्रभाव दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। व्यवहार प्रतिमानों में व्यापक बदलाव लाने के लिए, हमें प्रक्रिया में सुधार करना चाहिए। हमने हेल्थ सेक्टर में समग्र तरीके से काम शुरू किया। हमने जहां एक तरफ निवारक देखभाल पर बल दिया, वहीं इलाज की आधुनिक सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी। हम भारत में चिकित्सा शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए मिशन मोड पर काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के गठन के बाद स्वास्थ्य शिक्षा की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार होगा।

गरीब का इलाज पर होने वाला खर्च कम किया

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि साढ़े 3 लाख से ज्यादा गरीब मरीजों को हर रोज इन केंद्रों का लाभ मिल रहे है। सस्ती दवाओं की वजह से गरीबों के हर साल औसतन 3600 करोड़ रुपये खर्च होने से बच रहे हैं। हमने जहां गरीब का इलाज पर होने वाला खर्च कम किया। वहीं इस बात पर भी जोर दिया कि डॉक्टरों की संख्या में भी तेजी से वृद्धि हो। आज स्वास्थ्य को लेकर देशभर में एक सतर्कता आई है, गंभीरता आई है। शहरों के साथ ही दूर-दराज के गांवों में भी ये सतर्कता हम देख रहे हैं। पिछले छह वर्षों में, एमबीबीएस में 31,000 नई सीटें जोड़ी गई हैं, और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में 24,000 नई सीटें जोड़ी गई हैं। भारत स्वास्थ्य के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर बदलाव की ओर बढ़ रहा है।

स्वास्थ्य सेवा में भारत की भूमिका को मजबूत करना होगा

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत वैश्विक स्वास्थ्य के तंत्रिका केंद्र के रूप में उभरा है। वर्ष 2021 में, हमें स्वास्थ्य सेवा में भारत की भूमिका को मजबूत करना होगा। भारत ने मांग के अनुसार अनुकूलन, विकास और विस्तार करने की अपनी क्षमता साबित की है। हम दुनिया के साथ आगे बढ़े, सामूहिक प्रयासों में मूल्य जोड़ा और बाकी सब चीजों से ऊपर मानवता की सेवा की।

एम्स के लिए संस्थान को 201 एकड़ से अधिक जगह आवंटित

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार  राजकोट में एम्स के लिए संस्थान को 201 एकड़ से अधिक जगह आवंटित की गई है और यह लगभग 1,195 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा। संस्थान का निर्माण 2022 के मध्य तक पूरा होने की उम्मीद है। पीएमओ के अनुसार इस आधुनिक अस्पताल में 750 बिस्तर होंगे, जिनमें से 30 बिस्तर आयुष ब्लॉक में होंगे। इसमें एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए 125 और नर्सिंग पाठ्यक्रम के लिए 60 सीटें होंगी।

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