ब्रेकिंग
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कर्नाटक में UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए बनेगा अलग स्पेशल कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में बड़ी कार्रवाई, राज्यसभा में पेश की गई 3 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान भीषण भूस्खलन, सड़क पर गिरा भारी मलबा जालंधर के अवतार नगर में सनसनीखेज डबल मर्डर, कलयुगी युवक ने अपनी पत्नी और पिता की हत्या कर मचाया हड़क... 'जंतर-मंतर सीजन-2' का जल्द होगा आगाज: CJP फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, हॉल न मिलने पर भाजपा पर ... नोएडा में 'स्पेशल 26' स्टाइल में 29 लाख की भीषण लूट, फर्जी GST अधिकारी और पुलिसकर्मी बनकर 5 शातिर गि... बिहार में शराबबंदी लागू होने के एक दशक बाद फिर छिड़ी बहस, NCAER रिपोर्ट के बाद जीतन राम मांझी का बड़... जालोर में गोमाता के प्रति अनूठी आस्था, 'राधा' गाय पहनती है 10 किलो चांदी के गहने, बन रहा 1 करोड़ का ... ग्रेटर नोएडा में भारी बारिश से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में जलभराव, अखिलेश यादव ने सरकार पर कसा तंज बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर का 10 हजार नौकरियों का बड़ा ऐलान, बिहार के सियासी गलियारों में मचा हड़...
देश

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी बोले, 2018 और 2019 की अपेक्षा इस साल कम हुई आतंकी घटनाएं

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने साल के आखिरी दिन पाकिस्तान की नापाक हरकतों का पर्दाफाश किया है। डीजीपी सिंह ने बताया कि, ‘2018 और 2019 की अपेक्षा इस साल घाटी में कम आतंकी घटनाएं हुई हैं। हालांकि 2019 की तुलना में इस साल स्थानीय युवाओं के आतंकी संगठन में शामिल होने की संख्या में इजाफा हुआ है।’ हालांकि, सकारात्मक पहलू यह है कि उनमें से 70 प्रतिशत या तो समाप्त हो गए या गिरफ्तार कर लिए गए।

जम्मू-कश्मीर में इस साल आतंकी घटनाओं में तेजी से कमी नजर आई है। इस साल पाकिस्तान की ओर से अधिकतर घुसपैठ की घटनाएं नाकाम हुई हैं। दूसरी ओर सुरक्षाबलों की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन ऑलआउट से घाटी से आतंकियों का सफाया जारी है। कुल 100 से अधिक ऑपेरशन हुए, इनमें से 90 कश्मीर हुए। इन ऑपरेशन में कुल 225 आतंकी मार गिराए गए हैं, जिसमें 46 टॉप कमांडर भी शामिल हैं। आज हर तंज़ीम का टॉप कमांडर मारा गया है। लेकिन अभी भी वहां के स्थानीय युवाओं का आतंकी संगठन में शामिल होने की घटनाओं में बढ़ौत्तरी हुई। है।

पाकिस्तान की ओर से जारी आतंकियों गतिविधियों पर बात करते हुए डीजीपी ने बताया कि घुसपैठ की कोशिशें नाकाम होने के बाद पाक को स्थानीय आतंकियों पर निर्भर होना पड़ा है। ऐसे में उन्होंने इनके पास तक हथियार विस्फोटक सामग्री और नकदी सप्लाइ करने के लिए ड्रोन का सहारा लिया जिन्हें सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया। सिंह ने बताया कि जम्मू क्षेत्र में दर्जन भर आतंकी सक्रिय थे, जिनकी संख्या अब घटकर तीन रह गई है। फिलहाल ये आतंकी अभी किश्तवाड़ जिले में छिपे हुए हैं जिन्हें ट्रैक किया जा रहा है।

Related Articles

Back to top button