ब्रेकिंग
पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी के 100वें जन्मदिन पर पीएम मोदी ने लिखा खास लेख, देश के लिए दि... दिल्ली में एकतरफा प्यार और प्रताड़ना का खौफनाक अंत, पेट्रोल छिड़ककर की खुदकुशी— पुलिस जांच में जुटी पालतू कुत्ते और पार्किंग के विवाद ने ली जान, टेक कंपनी के पूर्व अधिकारी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं बालिचंद्रपुर में दर्दनाक अग्निकांड, एलपीजी गैस से खाना बनाते वक्त हुआ हादसा— एक झुलसा यूपी-उत्तराखंड में सक्रिय अवैध ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़, मुरादाबाद पुलिस ने 2000 कोडीन सिरप की बो... सेवा का कभी प्रदर्शन नहीं होना चाहिए, निस्वार्थ भाव से किया गया कार्य ही सच्चा धर्म है— मोहन भागवत दीपावली 2026 पर अपनों को भेजें ये खूबसूरत शुभकामनाएं और संदेश, इन प्यारे कोट्स से बनाएं त्योहार को ख... देश भर में दिवाली पर कैसा रहेगा मौसम? दिल्ली में प्रदूषण और दक्षिण भारत में भारी बारिश का अनुमान— IM... इजराइल की राजनीति में बड़ा उलटफेर, राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने विपक्षी नेता आइसेनकोट को सौंपा सरकार बन... द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मनाया गया दीपावली का पावन ...
देश

किन्‍नर अखाड़ा और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद में ठनी, मान्‍यता देने को लेकर उपजा है विवाद

प्रयागराज। यहां हम बात कर रहे हैं पिछले कुंभ मेले की। जी हां, प्रयागराज में वर्ष 2019 में कुंभ मेला आयोजित हुआ था। उस भव्‍य आयोजन में एक नई परंपरा भी देखने को मिली थी। वह यह कि किन्‍नर अखाड़ा को शाही स्‍नान का अवसर देने का। क्‍योंकि कुंभ मेले में शाही स्‍नान की अनुमति सभी को नहीं मिलती है। कुंभ के पूर्व मान्‍यता देने पर विवाद भी उठा था लेकिन बाद में सब कुछ सामान्‍य हो गया और शाही स्‍नान की अनुमति किन्‍नरों को मिल गई। हालांकि अब एक बार फिर विवाद उत्‍पन्‍न हो गया है।

प्रयागराज में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की शुक्रवार को हुई बैठक में किन्‍नर अखाड़ा की मान्‍यता को लेकर प्रश्‍न उठाए गए थे। इस बैठक में 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि शामिल थे। इसमें अखाड़ा परिषद के अध्‍यक्ष नरेंद्र गिरि के बयान से विवाद उत्‍पन्‍न हो गया है। इस विववाद ने किन्‍नर अखाड़ा को अखाड़ा परिषद से मतों में फर्क उत्‍पन्‍न कर दिया है।

अखाड़ा परिषद के इस बयान ने बढ़ाई दूरी

बता दें कि अखाड़ा परिषद की अखाड़ा परिषद के प्रतिनिधियों की बैठक में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा था कि आदि शंकराचार्य की परंपरा से 13 अखाड़े ही मान्य हैं। इसलिए किन्नर, परी व अन्य नाम के अखाड़ों का पंजीकरण निरस्त किया जाए। कुंभ क्षेत्र में 13 से इतर किसी संस्था को अखाड़ा के नाम से जमीन व सुविधा न दी जाए।

किन्‍नर अखाड़ा के अध्‍यक्ष ने दिया जवाबी बयान

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्‍यक्ष के बयान के बाद से किन्‍नर अखाड़ा के संन्‍यासियों में आक्रोश भी व्‍याप्‍त हो गया है। किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने भी जवाबी बयान दिया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद को रचनात्मक कार्यों में लगने की सलाह दी है। शनिवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि प्रयागराज कुंभ में हमें मान्यता दी गई थी। इसके बावजूद कुछ पदाधिकारी जब-तब अनर्गल बोलते रहे हैैं

स्‍वामी लक्ष्‍मी नारायण त्रिपाठी ने कहा-किन्नर अखाड़ा किसी का मोहताज नहीं है

किन्‍नर अखाड़ा के अध्‍यक्ष आचार्य महामंडलेश्‍वर स्‍वामी लक्ष्‍मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि किन्नर अखाड़ा किसी का मोहताज नहीं है। उम्मीद है कि हरिद्वार कुंभ में उत्तराखंड सरकार समुचित सुविधाएं देगी। वहां शिविर जरूर लगाया जाएगा।

Related Articles

Back to top button