ब्रेकिंग
सुप्रीम कोर्ट का 'हथौड़ा': कोल इंडिया को फटकार— 10 साल तक क्यों भटकाया? दिव्यांग उम्मीदवार को तुरंत ... राहुल गांधी का बड़ा अलर्ट: 'AI छीन लेगा IT की नौकरियां और मैन्युफैक्चरिंग पर होगा चीन का राज', छात्र... ZP इलेक्शन 2026: महाराष्ट्र में पंचायत चुनावों की घोषणा, फरवरी के पहले हफ्ते में होगा सियासी 'दंगल' दिल्ली में फिर गूंजी लॉरेंस बिश्नोई के नाम की गोली: रंगदारी नहीं दी तो व्यापारी के घर पर ताबड़तोड़ फ... इंटरनेशनल क्रिमिनल बनाम पैरोल: सरकार ने अबू सलेम की 14 दिन की अर्जी का किया विरोध, सिर्फ 2 दिन की दी... Zepto स्टोर बना 'टॉर्चर रूम': डिलीवरी बॉय को दी गई घिनौनी सजा, बदसलूकी की तस्वीरें देख खौल उठेगा खून केक कटा और शुरू हुआ 'कट्टा': गोरखपुर में पवन सिंह के बर्थडे पर भारी हंगामा, पुलिस एक्शन से मची भगदड़ अयोध्या की राह पर राहुल गांधी: कांग्रेस सांसद का बड़ा दावा— राम लला के दरबार में हाजिरी लगाएंगे 'जनन... बिजनौर में 'अनोखा भक्त': 48 घंटे से लगातार हनुमान मंदिर की परिक्रमा कर रहा कुत्ता, लोग मान रहे चमत्क... विराट का 'जूनियर' और रोहित का साथ: मैदान के बाहर कोहली का सबसे प्यारा संदेश, वीडियो सोशल मीडिया पर व...
देश

बजट पेश करने वाली निर्मला सीतारमण दूसरी महिला, 49 साल पहले इंदिरा गांधी ने किया था पेश

नई दिल्लीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में अपना पहला आम बजट पेश करेंगी मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का भी यह पहला आम बजट है। 49 साल बाद दूसरी बार ऐसा हो रहा है कि कोई महिला फिर से बजट पेश करने वाली है। इससे ठीक पहले 28 फरवरी 1970 में प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री इंदिरा गांधी ने केंद्रीय बजट पेश किया था।

पूर्व प्रधानमत्री इंदिरा गांधी ने जब अपना पहला बजट पेश किया था तो उन्होंने बजट भाषण में कहा था कि मुझे माफ कीजिएगा लेकिन इस बार सिगरेट पीने वालों के जेब पर भार डालने वाली हूं, इसके बाद उन्होंने कहा था कि सिगरेट पर ड्यूटी 3 से बढ़ाकर 22 फीसदी किया जा रहा है। इंदिरा गांधी ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए न्यूनतम पेंशन की राशि को 40 रुपए प्रतिमाह बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। यह बढ़ोतरी उनके लिए भी थी जो पहले ही रिटायर हो चुके थे. यह सुविधा औद्योगिक कर्मचारियों के लिए भी लागू थी।

सीतारमण से उम्मीदें
वहीं मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से लोगों को काफी उम्मीदें हैं। संभावना है कि वे अर्थव्यवस्था में तेजी लाने, किसानों की आय में बढोतरी करने, सरकारी निवेश में बढ़ोतरी करने के साथ ही निजी निवेश आकर्षित करने के उपाय करने, उपभोग बढ़ाने की नीति अपनाने और वेतनभोगियों को आयकर तथा विभिन्न मदों में छूट के जरिए खुश करने की कोशिश कर सकती हैं।

वित्त मंत्री का कामकाज संभालने के बाद से ही सीतारमण बजट की तैयारियों में लग गई थीं और हर क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ ही भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण देशों के राजनयिकों तथा प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एवं पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से भी मुलाकात कर चुकी हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button