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लाल किले पर झंडा फहराने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर, न्यायिक जांच की मांग

राष्ट्रीय राजधानी में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा का मामला सुप्रीम कोर्ट  तक पहुंच गया है। दिल्ली में हुए उपद्रव के खिलाफ दायर याचिका में  लाल किले में दूसरा ध्वज लगाने की मांग की गई है। इसके साथ ही हिंसा पर संज्ञान लेना का भी अनुरोध किया गया है।

वकील विशाल तिवारी द्वारा दायर याचिका में SC के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में आयोग के गठन की मांग की गई है। वहीं इससे पहले एक  एक कानून के छात्र ने  भी भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे को पत्र लिखकर लाल किले पर किसी दूसरे समुदाय का झंडा फहराने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेने मांग की  थी।

आशीष राय द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया था कि जिस प्रकार से लाल किले में भारत के राष्ट्रीय ध्वज की जगह किसी अन्य समुदाय के झंडे के लहराने से देश के सम्मान और गरिमा को चोट पहुंची। यह एक शर्मनाक घटना है। इस घटना से पूरा देश भी आहत है क्योंकि इस घटना से देश के संविधान के साथ साथ राष्ट्रीय ध्वज का भी अपमान हुआ है। इसके अलावा किसानों से बातचीत के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति की आज होने वाली बैठक भी रद्द कर दी गई है।  नए कृषि कानून पर किसानों से बातचीत के लिए सुप्रीम कोर्ट ने चार सदस्यों की एक समिति गठित की थी।

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