ब्रेकिंग
Safest UPI App in India: भारत में कौन सा UPI पेमेंट ऐप है सबसे सुरक्षित? जानें सही जवाब PM Modi Somnath Visit: सोमनाथ मंदिर में पीएम मोदी ने किया कुंभाभिषेक, गूंजा 'हर-हर महादेव' Mandira Bedi Fitness: 54 की उम्र में भी कैसे इतनी फिट हैं मंदिरा बेदी? खुद बताया अपनी 'टोंड बॉडी' का... Toll Tax Rules: देश में खत्म होंगे टोल बैरियर, हाईवे पर 120 की स्पीड में कटेगा टैक्स; गुजरात से शुरु... Chhatrapati Sambhajinagar News: कुएं में मिट्टी धंसने से बड़ा हादसा, पानी निकालने गए पिता और 2 बेटों... Viral Wedding: विदेशी दुल्हन ने भारतीय रीति-रिवाज से लिए 7 फेरे, लंदन की लड़की बनी तेलंगाना की बहू अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का फॉर्मूला: PM मोदी की अपील- छोटे-छोटे संकल्पों से देश की इकोनॉमी को मिल... हड़कंप! मदरसे में चल रहा था 'Made In Pakistan' पंखा, रिपेयरिंग के दौरान खुला राज, खुफिया एजेंसियां अ... Shocking News: ट्रेन की टक्कर से पुल से नीचे गिरी गाय, सीधे युवक के ऊपर जा गिरी, मच गया हड़कंप Murder News: पुराने प्रेमी के साथ मिलकर नए बॉयफ्रेंड को उतारा मौत के घाट, इंस्टाग्राम वाली खूनी प्रे...
देश

Lalu Yadav: लालू के मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने तरेरी आंखें, कह दी बड़ी बात…

रांची। Jharkhand News, Lalu Yadav News, Lalu Prasad Yadav चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के जेल मैनुअल उल्लंघन मामले में झारखंड हाई कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने लालू प्रसाद की मेडिकल रिपोर्ट पेश नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई और रिम्स निदेशक को शोकॉज जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने कहा कि इसके लिए रिम्स प्रबंधन को पूर्व में दो बार आदेश दिया गया, लेकिन उनकी ओर से लालू प्रसाद की मेडिकल रिपोर्ट अदालत में क्यों नहीं दाखिल नहीं की गई। अदालत ने रिम्स निदेशक को अंतिम मौका देते हुए मेडिकल रिपोर्ट तलब की है। मामले में अगली सुनवाई 19 फरवरी को निर्धारित की गई है।

सुनवाई के दौरान अपर महाधिवक्ता आशुतोष आनंद की ओर से बताया गया कि उन्हें रिम्स प्रबंधन की ओर से मेडिकल रिपोर्ट मिली है। इसमें कहा गया है कि लालू प्रसाद को बेहतर इलाज के लिए एम्स भेजा गया है। इसके लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया था। मेडिकल बोर्ड की सिफारिश के बाद ही उन्हें एम्स स्थानांतरित किया गया है। इस पर अदालत ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट देखने के बाद ही पता चल पाएगा कि लालू को एम्स भेजने का निर्णय क्यों लिया गया।

कोर्ट ने मामले में तल्‍खी दिखाते हए कहा- रिम्स ने मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट में पेश नहीं की है। उक्त रिपोर्ट सबसे पहले कोर्ट में पेश की जानी थी। इस पर सरकार ने कहा कि इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के जरिए रिम्स से रिपोर्ट मांगी गई थी। तब जाकर उन्हें उक्त रिपोर्ट मिली है। अदालत ने कहा कि पिछले दो सुनवाई से अदालत मेडिकल रिपोर्ट मांग रही है। लेकिन रिम्स कोर्ट के निर्देश का पालन नहीं कर रहा है।

एसओपी को मिली गृह विभाग की मंजूरी

सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि जेल से बाहर इलाज करा रहे कैदियों की सुरक्षा को लेकर बनी एसओपी में कोर्ट के सुझाव के अनुसार संशोधन किया गया है। संशोधित एसओपी गृह विभाग को भेजी गई है। गृह विभाग ने इस एसओपी को औपबंधिक मंजूरी प्रदान कर दी है। वहीं, जेल मैनुअल में संशोधन की प्रक्रिया चल रही है। तब तक एसओपी के तहत जेल में रहने वाले कैदियों को सुविधाएं दी जाएंगी। बता दें कि झारखंड हाई कोर्ट इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई कर रहा है।

Related Articles

Back to top button