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राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर राज्‍यसभा में आज जवाब दे सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी, तय होगी कृषि सुधार की दिशा

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) सोमवार को संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब दे सकते हैं। ऐसे में जब नए कृषि कानूनों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमला बोल रहा है… सबकी नजरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन पर होगी। राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा पूरी हो चुकी है। किसान अभी भी प्रदर्शन कर रहे हैं ऐसे में देखना होगा कि प्रधानमंत्री कृषि क्षेत्र में किए गए सुधारों पर क्या बोलते हैं? सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री मोदी किसान आंदोलन पर सियासत करने वाले दलों को कड़ी नसीहतें दे सकते हैं।

कांग्रेस ने जारी किया व्हिप 

इस बीच, विपक्षी दल कांग्रेस ने अपने सभी सदस्यों को व्हिप जारी करके सोमवार को राज्यसभा के स्थगित होने तक वहां मौजूद रहने को कहा है।

पहले छह दिन बहुत ही लाभकारी 

समाचार एजेंसी पीटीआइ ने अपनी रिपोर्ट में एक आधिकारिक बयान के हवाले से बताया है कि इस बजट सत्र में राज्यसभा की कार्यवाही के पहले छह दिन बहुत ही लाभकारी साबित हुई है। इस दौरान उच्च सदन में 82.10 फीसद कामकाज हुआ। पिछले तीन दिनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा ही मुख्य कामकाज हुआ। इस दौरान इसमें 25 दलों के पचास सदस्यों ने इसमें हिस्सा लिया। बयान में कहा गया है कि बीस घंटे और 34 मिनट के कुल कामकाज में विगत तीन फरवरी को चार घंटे और 14 मिनट हंगामे में बर्बाद हो गए थे।

दो दिनों तक नहीं हुए प्रश्नकाल और शून्यकाल 

हालांकि शुक्रवार को उच्च सदन के सदस्यों ने काम के निर्धारित घंटों के इतर 33 मिनट अतिरिक्त कार्य किया। विगत तीन फरवरी के हंगामे के बाद अगले दो दिनों तक प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं हुए थे। लेकिन शुक्रवार को एक घंटे का प्रश्नकाल हुआ और धन्यवाद प्रस्ताव के लिए अतिरिक्त समय निकाला गया। जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) बिल, 2021 को विधेयक की जगह लाने के लिए इस हफ्ते एक प्रस्ताव भी पेश किया गया। इस हफ्ते उच्च सदन में सात शून्यकाल और सात विशेष उल्लेख भी हुए।

कृषि मंत्री ने बोला था विपक्ष पर हमला 

राज्यसभा में चर्चा के आखिरी दिन शुक्रवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने नए कृषि कानूनों की वापसी की मांग कर रहे विपक्ष पर जमकर हमला बोला था। उन्होंने विपक्षी नेताओं से कहा था कि वे कानून की खामियों को बताएं। कृषि मंत्री ने यह भी पूछा था कि कोई बताए कि आखिर कृषि कानून में काला क्या है? उन्‍होंने कहा था कि नए कृषि कानूनों को काला बता देने भर से बात नहीं बन सकती और ना ही सुधार हो सकता है। पिछले दो महीने से मैं किसानों से भी यही पूछ रहा था। न वहां जवाब मिला और न ही आपके पास है।

पीएम मोदी ने की थी यह अपील 

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा था कि कृषि मंत्री ने राज्यसभा में कृषि सुधार कानूनों से जुड़े प्रत्येक पहलू को लेकर विस्तार से जानकारी दी है। मेरा विनम्र निवेदन है कि लोग उनका यह भाषण जरूर सुनें। सोमवार को अपने संबोधन में पीएम मोदी नए कृषि कानूनों पर सियासत करने वाले नेताओं को निशाने पर ले सकते हैं।

देश जानता है कौन कर रहा सेंक रहा राजनीतिक रोटियां : मोदी

आज रविवार को पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के हल्दिया में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान के नाम पर कौन अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रहा है और कौन उनकी परेशानी दूर करने के लिए काम कर रहा है देश इसे पिछले छह वर्षों से देख रहा है।

सरकार ने कहा- बातचीत के लिए तैयार

इस बीच रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि सरकार फिर से किसान यूनियनों के साथ बातचीत के लिए तैयार है। किसान यूनियन अगर कोई नया प्रस्ताव लेकर आए तो सरकार फिर से वार्ता शुरू कर सकती है। वहीं केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी कहा है कि कृषि कानूनों को लेकर चल रहे किसान आंदोलन का समाधान जल्द ही निकल आएगा। आंदोलन का दायरा सीमित क्षेत्र में ही है। इसके लिए सरकार लगातार किसानों संगठनों से बातचीत कर रही है, आगे भी चर्चा की जाएगी।

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