देश की पहली LNG ट्रेन को अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी: गुजरात को मिली ₹1,542 करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट्स की सौगात

अहमदाबाद (गुजरात): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद स्थित साबरमती रेलवे स्टेशन से देश की पहली लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) से संचालित होने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान साबरमती मंडल (डिवीजन) के लिए कई महत्वपूर्ण रेलवे प्रोजेक्ट्स का विधिवत उद्घाटन किया गया और कुछ अन्य प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी गई। इस अवसर पर गुजरात राज्य को कुल ₹1,542 करोड़ से अधिक लागत की रेलवे विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात मिली।
परियोजनाओं के प्रमुख वित्तीय और तकनीकी आंकड़े:
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कवच सुरक्षा प्रणाली: लगभग ₹411 करोड़ की लागत से 404 किलोमीटर लंबे विस्तृत रेल खंड पर आधुनिक ‘कवच’ (Kavach) सुरक्षा प्रणाली लागू की गई है।
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ऑटोमैटिक सिग्नलिंग: 122.57 किलोमीटर लंबे रेल ट्रैक पर ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग व्यवस्था की औपचारिक शुरुआत की गई।
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लोकोमोटिव मेंटेनेंस शेड: ₹700 करोड़ की लागत से नवनिर्मित अत्याधुनिक WAG-12 लोकोमोटिव मेंटेनेंस शेड का उद्घाटन किया गया।
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ट्रैक दोहरीकरण: ₹313.27 करोड़ के निवेश से 21 किलोमीटर लंबे साबरमती-सरखेज रेल खंड के दोहरीकरण (Double Track) का कार्य शुरू किया जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि ₹1,542 करोड़ से अधिक की लागत से तैयार ये विकास कार्य आम रेल यात्रियों की सुविधा और संपूर्ण क्षेत्रीय रेल नेटवर्क के आधुनिकीकरण में ऐतिहासिक भूमिका निभाएंगे।
🚉 ‘साबरमती स्टेशन का नया स्वरूप देखना बेहद सुखद’: गृह मंत्री ने रेलवे टीम की सराहना की
स्टेशन के कायाकल्प और आधुनिकीकरण पर अमित शाह के विचार:
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व्यक्तिगत संस्मरण: अमित शाह ने बताया कि नई दिल्ली से रेल यात्रा के दौरान वे स्वयं कई बार साबरमती स्टेशन पर उतरे हैं और इसके पुराने स्वरूप से भली-भांति परिचित हैं।
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अभूतपूर्व बदलाव: उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इस रेलवे स्टेशन में आया बुनियादी और ढांचागत बदलाव अत्यंत प्रशंसनीय है।
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टीम को बधाई: शाह ने कहा, “साबरमती रेलवे डिवीजन से लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तक, पूरी रेलवे टीम को मेरी हार्दिक बधाई। इतने लंबे समय के बाद साबरमती स्टेशन को इस विश्वस्तरीय और आधुनिक रूप में देखना वाकई बहुत खास अनुभव है।”
🛠️ ₹700 करोड़ की लागत से WAG-12 मेंटेनेंस डिपो तैयार: ‘कवच’ नेटवर्क का तेजी से हो रहा विस्तार
रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा प्रणाली की प्रगति:
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अत्याधुनिक मेंटेनेंस हब: अमित शाह ने जानकारी दी कि WAG-12 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के सुचारू रखरखाव के लिए करीब ₹700 करोड़ की लागत से यह अत्याधुनिक मेंटेनेंस डिपो स्थापित किया गया है।
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साबरमती-कलोल रूट पर ‘कवच’: इसके अतिरिक्त, साबरमती-कलोल-साबरमती रेल खंड पर ‘कवच’ एंटी-ट्रेन कोलिजन सिस्टम को सक्रिय करने में लगभग ₹48 करोड़ की राशि खर्च की गई है।
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अन्य रूटों पर तीव्र कार्य: उन्होंने आगे बताया कि कराचिया-पालनपुर और कराचिया-समखियाली रेल खंडों पर भी कवच प्रणाली स्थापित करने का कार्य तेजी से प्रगति पर है, जिससे भविष्य में ट्रेन परिचालन पूरी तरह सुरक्षित और आधुनिक बनेगा।
⚡ 600 ट्रकों के बराबर माल ढोने की क्षमता: WAG-12 लोकोमोटिव बना रेलवे की बड़ी ताकत
इंजन की शक्ति और भारतीय रेलवे का नया आयाम:
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12,000 हॉर्सपावर की शक्ति: गृह मंत्री ने WAG-12 लोकोमोटिव को भारतीय रेलवे के माल ढुलाई इतिहास में एक युगांतरकारी मील का पत्थर बताया। यह 12,000 हॉर्सपावर (HP) क्षमता वाला शक्तिशाली ट्विन-सेक्शन इलेक्ट्रिक इंजन है।
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अभूतपूर्व माल ढुलाई: अमित शाह के अनुसार, केवल एक अकेला WAG-12 लोकोमोटिव सड़क मार्ग के लगभग 600 भारी ट्रकों के बराबर माल एक साथ सुरक्षित और तीव्र गति से ढोने में सक्षम है।
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लॉजिस्टिक्स में क्रांति: इस शक्तिशाली इंजन और एलएनजी जैसी हरित ईंधन तकनीकों के विस्तार से न केवल कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, बल्कि देश के फ्रेट कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को भी अभूतपूर्व गति मिलेगी।





