ब्रेकिंग
ILBS का 'लिवर मिशन': दिल्ली मॉडल से होगा हर नागरिक का फ्री चेकअप, सरकार ने खोला मदद का पिटारा कंगना रनौत की बढ़ी मुश्किलें: किसान आंदोलन पर टिप्पणी मामले में कल बठिंडा कोर्ट में होंगी पेश मराठी कार्ड पर छिड़ा घमासान! भाजपा अध्यक्ष बोले- भाषा के नाम पर जहर न घोलें, वोटिंग से पहले सियासी प... मिसाइल से लेकर माइंडसेट तक... सेना प्रमुख ने समझाया क्या है 'शौर्य संप्रवाह', दुश्मनों के लिए बजाई ख... सावधान! उत्तर भारत में जारी है 'कोल्ड वेव' का कहर; रिकॉर्ड तोड़ रही सर्दी, जानें मौसम विभाग की नई चे... प्रयागराज माघ मेला: श्रद्धालुओं के बीच मची चीख-पुकार, दूसरे दिन भी भड़की आग; आखिर कहाँ है सुरक्षा इं... तनाव के बीच तेहरान से आया राहत भरा मैसेज: 'टेंशन मत लेना...', जानें ईरान में फंसे भारतीय छात्रों का ... शमशान से घर पहुंचने से पहले ही उजड़ गया परिवार! सीकर में भीषण हादसा, एक साथ उठीं 6 अर्थियां राणा बलचौरिया मर्डर केस में SSP मोहाली के बड़े खुलासे, गिरफ्तार शूटरों ने बताए चौंकाने वाले सच घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच खुले पंजाब के स्कूल, अभिभावकों ने उठाई छुट्टियां बढ़ाने की मांग
देश

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा- सर्दियों का मौसम खत्म होते ही सस्ता हो जाएगा पेट्रोल-डीजल

वाराणसी। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के सवाल पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को कहा कि सर्दियों का मौसम समाप्त होते ही कीमत घट जाएगी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम की कीमत में वृद्धि का असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। सर्दियों के जाते ही कीमतों में गिरावट आ जाएगी। प्रधान ने कहा कि यह एक अंतरराष्ट्रीय मामला है और मांग में वृद्धि की वजह से कीमतें बढ़ जा रही हैं। सर्दियों में ऐसा हो जाता है।

ANI के साथ एक विशेष इंटरव्यू में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सर्दियों का मौसम जाते ही कीमतें नीचे आ जाएंगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र जिसमें अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम शामिल हैं, ये राज्य देश के तेल और गैस क्षेत्र के लिए जरूरी हैं।

देश में पहले तेल के जमाव की खोज असम के डिगबोई और दुलियाजान क्षेत्रों के पास की गई थी और देश के लगभग 18 फीसद तेल संसाधन पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) असम, अरुणाचल, नागालैंड, मिज़ोरम, त्रिपुरा में स्थित हैं। यहां के अधिकांश क्षेत्र तेल और गैस क्षेत्रों से भरे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद हमने कच्चे पाइपलाइन, गैस पाइपलाइन की बुनियादी संरचना बनाने, खोज, शोधन और गैस उत्पादन क्षमता बढ़ाने का फैसला किया था।  गौरतलब है कि  देश में रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी है। इस मामले पर विपक्षी दलों द्वारा लगातार सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्षी दलों ने डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया।

Related Articles

Back to top button