ब्रेकिंग
CJP प्रदर्शनकारियों को खाना खिलाने वाले जुनैद मलिक पहुंचे सुप्रीम कोर्ट! पुलिस पर प्रताड़ना और परिजन... NEET पेपर लीक पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का अनोखा प्रदर्शन, सिर पर पट्टी और हाथ में लाठी लेकर पहुं... 'NEET के छात्रों से ऐंठे जाते हैं ₹1.32 लाख करोड़'; सार्वजनिक परीक्षा विधेयक 2026 पर बहस के दौरान प्... शिर्डी में गुरु पूर्णिमा उत्सव का आगाज! MP और गुजरात के भक्तों ने बाबा के चरणों में न्यौछावर किए लाख... दिल्ली में महिलाओं को हर महीने मिलेंगे ₹2500! 'लक्ष्मी योजना' को कैबिनेट की मंजूरी, रक्षाबंधन पर आएग... सिर में नक्सलियों की गोली फंसी होने के बाद भी रोज लगा रहे 10 KM दौड़, पढ़ें हॉक फोर्स के जांबाज शिवक... फतेहपुर के सर्वोदय इंटर कॉलेज में छात्रों का हंगामा! बिजली, शौचालय व पेयजल की मांग को लेकर सड़क पर उ... IIT दिल्ली से घर बैठे सीखें AI और डेटा साइंस! सर्टिफिकेट प्रोग्राम के लिए आवेदन शुरू, जानें अप्लाई क... मसूरी-देहरादून मार्ग पर भारी भूस्खलन! मैगी पॉइंट के पास रेस्टोरेंट हुआ क्षतिग्रस्त, घंटों ठप रहा ट्र... छात्र प्रदर्शनों पर लाठीचार्ज मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश! निर्दोषों को तुरंत रिहा करने के ...
देश

भाजपा ने महिला नेताओं के पोस्टर जारी कर कहा- बुआ नहीं बेटी चाहिए

कोलकाता। चुनाव तारीखों के एलान के बाद बंगाल की लड़ाई अब बुआ और बेटी पर आ गई है। बंगाल भाजपा ने महिला नेताओं के पोस्टर जारी कर कहा है कि बंगाल को बुआ नहीं बेटी चाहिए। वहीं टीएमसी ने भी जवाब में कहा कि बंगाल को अपनी बेटी पसंद है। भाजपा ने पोस्टर में बंगाल की नौ पार्टी महिला नेताओं के चेहरे लगाए हैं। जिनमें रूपा गांगुली, देबश्री चौधरी, लॉकेट चटर्जी, भारती घोष, अग्निमित्रा पॉल शामिल हैं। भाजपा के पोस्टर में लिखा है, ‘बंगाल अपनी खुद की बेटी चाहता है, पिशी (बुआ) नहीं।’

दूसरी तरफ भाजपा के इस पोस्टर पर तृणमूल ने कटाक्ष किया है। इस संबंध में तृणमूल नेत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा, “बुआ भी बंगाल की बेटी ही है। सभी की एक बुआ होती है। जिनके चेहरे का उन्होंने इस्तेमाल किया है, वे भी किसी की बुआ हैं ?”टीएमसी ने ममता बनर्जी को ‘बंगाल की बेटी’ के रूप में दर्शाया है। हाल ही में टीएमसी ने ममता को ‘बंगाल की बेटी’ के रूप में दिखाते हुए अपना मुख्य अभियान ‘बांग्ला निजेर मेयेके चाय’ की शुरुआत की थी।

टीएमसी ने ममता की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था, “उनका जीवन न्याय के लिए संघर्षरत रहा है।उनकी मानवता ने बंगाल के हर व्यक्ति के दिल को छू लिया है। उनकी सादगी और दोस्ती ने उन्हें घर की बेटी बना दिया है। उनके नेतृत्व में बंगाल प्रगति के पथ पर आगे बढ़ा। इसीलिए हर कोई कह रहा है -‘बांग्ला निजेर मेयेके चाय। ‘

बंगाल में कब-कब हैं चुनाव

बंगाल की 294 सीटों पर आठ चरणों में चुनाव होगा. पहले चरण के तहत राज्य के पांच जिलों की 30 विधानसभा सीटों पर 27 मार्च को, दूसरे चरण के तहत चार जिलों की 30 विधानसभा सीटों पर एक अप्रैल, तीसरे चरण के तहत 31 विधानसभा सीटों पर छह अप्रैल, चौथे चरण के तहत पांच जिलों की 44 सीटों पर 10 अप्रैल, पांचवें चरण के तहत छह जिलों की 45 सीटों पर 17 अप्रैल, छठे चरण के तहत चार जिलों की 43 सीटों पर 22 अप्रैल, सातवें चरण के तहत पांच जिलों की 36 सीटों पर 26 अप्रैल और आठवें चरण के तहत चार जिलों की 35 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा।

Related Articles

Back to top button