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महानगरों से घर लौट रहे प्रवासी, कोरोना लॉकडाउन नहीं, यह भी है एक बड़ी वजह, आप भी जानें

मुंबई। महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों के साथ ही गुजरात के सूरत और अहमदाबाद जैसे रोजगार देनेवाले महानगरों से इन दिनों उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर जानेवाले लोगों की भीड़ अचानक बढ़ गई है। सामान्य एवं विशेष ट्रेनों के अलावा सड़क मार्ग एवं हवाई मार्ग से भी लोग उत्तर भारत की ओर जा रहे हैं। इसके पीछे कोरोना एवं लॉकडाउन के थोड़े डर के अलावा उत्तर प्रदेश का पंचायत चुनाव भी एक बड़ा कारण है। इसके अलावा भी कई वजहें हैं।

सिहरा देती हैं लॉकडाउन की यादें

कोरोना के चलते एक साल पहले लगे लॉकडाउन की यादें मुंबई, सूरत और अहमदाबाद में रहनेवाले उत्तर प्रदेश-बिहार मूल के प्रवासियों को आज भी सिहरा देती हैं। इसलिए महाराष्ट्र में कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के कारण लॉकडाउन की आशंका लोगों को फिर से डराने लगी है। महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को इस संबंध में एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है।

यूपी में पंचायत चुनाव भी बड़ी वजह

इसके अलावा उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव भी हो रहे हैं। भदोही के रहनेवाले अभिषेक पांडे बताते हैं कि ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशी इन महानगरों में रहनेवाले अपनी ग्राम सभा के लोगों को मतदान के लिए बुलाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। उन्हें ट्रेन के टिकट एवं पूरी-पूरी एसी बसें बुक करके दी जा रही हैं। कुछ बसें तो सीधे एक ही गांव के लोगों को लेकर निकल रही हैं, जिनका किराया संभवत: किसी न किसी प्रधान पद के प्रत्याशी की ओर से ही दिया जा रहा है।

फसलों की कटाई का मौसम

मुंबई के एक ट्रेन टिकट एंजेंसी में काम करनेवाले संजय सिंह बताते हैं कि मुंबई से सामान्य दिनों में भी अप्रैल से मई महीनों के बीच करीब 16 से 20 लाख लोग उत्तर भारत की ओर जाते हैं क्योंकि इस सीजन में स्कूल बंद हो जाते हैं, गांव में गेहू, सरसों इत्यादि की कटाई का मौसम होता है, साथ ही शादी-विवाह भी बड़े पैमाने पर होते हैं।

सभी ट्रेनें फुल

मुंबई से उत्तर प्रदेश एवं बिहार की ओर जानेवाली ट्रेनों की संख्या दो दर्जन के करीब है। ये सारी ट्रेनें इन दिनों पूरी तरह भर कर जा रही हैं। हालांकि ट्रेनों में बैठने की क्षमता भर यात्रियों को ही चलने की अनुमति है। बावजूद इसके, कोचों में क्षमता से अधिक यात्री यात्रा करते दिखाई दे रहे हैं।

मध्य रेलवे ने कहा, कोई पलायन नहीं

मुंबई, प्रेट्र। मध्य रेलवे ने उन खबरों को पूरी तरह से गलत बताया है, जिसमें कहा जा रहा है कि मुंबई से बड़ी संख्या में लोग अपने पैतृक घरों को पलायन कर रहे हैं। मध्य रेलवे के महाप्रबंधक संजीव मित्तल ने कहा कि इंटरनेट मीडिया पर रेलवे स्टेशनों पर भीड़ की कुछ पुरानी तस्वीरें और वीडियो साझा किए जा रहे हैं जिससे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।

अप्रैल मई में रहती है यात्रियों की भीड़

मित्तल ने लोगों से इस तरह के वीडियो साझा नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि इस संबंध में रेलवे पुलिस ने मामला भी दर्ज किया है। मित्तल ने कहा कि अप्रैल और मई में यात्रियों की भीड़ रहती है। मौजूदा भीड़ भी उसी का हिस्सा है और पलायन जैसी कोई बात नहीं है। सिर्फ कंफर्म टिकट वालों को ही यात्रा करने दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से यात्रा के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के नियमों का पालन करने की भी अपील की।

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