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अमेरिका ने प्रत्यर्पण अर्जी ली वापस, ब्रिटेन में मोती को मिली जमानत, दाउद का गुर्गा जेल से रिहा होकर जाएगा पाक

लंदन। आतंकी सरगना दाउद इब्राहीम के कई देशों में फैले काले धंधों को संभालने वाला जाबिर मोती जल्द ही लंदन की जेल से रिहा होकर पाकिस्तान जा सकता है। ऐसा अमेरिका की ओर से उसके प्रत्यर्पण की अर्जी वापस लिए जाने के कारण हुआ। पहले नशीले पदार्थो की तस्करी, एक देश से दूसरे देश काला धन भेजने और ब्लैकमेलिंग करने के आरोपों में मोती की संलिप्तता के चलते अमेरिका ने उसकी हिरासत लेने के लिए प्रत्यर्पण की अर्जी दी थी।

53 वर्षीय मोती पाकिस्तानी नागरिक है

53 वर्षीय मोती पाकिस्तानी नागरिक है। उसने निचली अदालत के दिए अपने प्रत्यर्पण आदेश को लंदन हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। वह हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहा था, लेकिन उससे पहले ही अमेरिका की ओर से उसके प्रत्यर्पण के लिए दी गई अर्जी वापस ले ली गई।

मोती 2018 में गिरफ्तारी के बाद से लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद था

अर्जी वापस लेने की प्रक्रिया इसी हफ्ते हुई। इसके बाद वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मोती की अर्जी पर उसे बिना शर्त जमानत देने का फैसला किया। मोती 2018 में गिरफ्तारी के बाद से लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद था।

गृह मंत्रालय के अनुमति देते ही मोती जेल से रिहा हो जाएगा

अब मोती की रिहाई पर ब्रिटेन के गृह मंत्रालय की हरी झंडी का इंतजार है। गृह मंत्रालय के अनुमति देते ही मोती जेल से रिहा हो जाएगा। इसके बाद उसके पाकिस्तान जाने की संभावना है। फिलहाल गृह मंत्रालय ने उसके मामले में कोई टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया है। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार मोती पर लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआइ के पास पर्याप्त सुबूत नहीं थे।

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