ब्रेकिंग
सीजेपी कार्यकर्ता के पिता पर हमले के खिलाफ आक्रोश, कॉकरोच जनता पार्टी ने दिया 10 दिन का अल्टीमेटम छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप पर सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस का हलफनामा, कार्रवाई का किया ... जंतर-मंतर पर छात्रों से पुलिस की बदसलूकी: सुप्रीम कोर्ट बनाएगा हाई लेवल कमेटी, CJI बोले- निर्दोष छात... बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल: 18 IPS अधिकारियों के तबादले, सीवान एसपी पूरन झा हटे, भारत सोनी बने नए क... उमरिया का वह ऐतिहासिक गांव जहां कभी राजीव गांधी पहुंचे थे, आज 41 साल से सड़क को तरस रहा पंचकेदार कल्पेश्वर महादेव मंदिर में भारी बारिश से तबाही: मलबे से पटा परिसर, हवन कुंड और सुरक्षा दीवा... नालंदा में मिड डे मील में नमक की जगह मिलाया सर्फ: 24 से अधिक स्कूली बच्चों की बिगड़ी तबीयत, मची अफरा... महाराष्ट्र कैबिनेट के बड़े फैसले: पंढरपुर विकास के लिए विशेष पुनर्वास नीति, जायकवाड़ी फेज-2 को ₹6,47... शिव भक्ति पर शौहर ने दिया तीन तलाक: झारखंड की जमीला खातून बरेली में बनी ज्योति देवी, प्रकाश संग लिए ... लखनऊ के होटल क्रिस्टेलिया में फर्जी विदेश मंत्रालय अफसरों का हाईड्रामा, स्टाफ को बनाया बंधक
देश

पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी का कोरोना संक्रमण से 91 की उम्र में निधन

नई दिल्ली। भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी का शुक्रवार रात निधन हो गया। वो 91 वर्ष के थे। पिछले कुछ दिनों से वो कोरोना वायरस संक्रमण से पीड़ित थे। करीब 70 सालों तक कानून के क्षेत्र से जुड़े रहे  सोराबजी ने देश के अटार्नी जनरल का पद दो बार संभाला। वकालत के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए वर्ष 2002 में उन्हें पद्म विभूषण का सम्मान भी मिला था।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने शोक प्रकट कर श्रद्धांजलि दी है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व महान था।

बता दें कि सोराबजी का नाम देश के बड़े मानवाधिकार वकीलों में शामिल था। उन्हें संयुक्त राष्ट्र की ओर से वर्ष 1997 में विशेष दूत के तौर पर नाइजीरिया भेजा गया था, ताकि वहां के मानवाधिकार के हालात के बारे में पता चले सके। वर्ष 1989 से 1990 तक अटॉर्नी जनरल रहे सोराबजी ने दोबारा 1998 से 2004 तक यह जिम्मेदारी निभाई थी। सोली सोराबजी का पूरा नाम सोली जहांगीर सोराबजी था। उनका जन्म मुंबई में वर्ष 1930 में हुआ था। उन्होंने 1953 में बॉम्बे हाई कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू कर दिया था।

Related Articles

Back to top button