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रामपुरहाट टीएमसी दफ्तर में फंदे से लटके मिले पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी: सुसाइड नोट में मानसिक दबाव का जिक्र, जांच की मांग

बीरभूम (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी रविवार सुबह बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित टीएमसी कार्यालय में मृत पाए गए।

पुलिस के अनुसार, उनका शव कार्यालय के भीतर फंदे से लटका हुआ बरामद किया गया, जिसे तत्काल कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। नेता की आकस्मिक मौत के बाद राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यह पता लगाया जाएगा कि पूर्व डिप्टी स्पीकर को किसी स्तर पर धमकी दी गई थी या उन पर कोई अनुचित दबाव बनाया जा रहा था।

💔 ममता बनर्जी ने जताया गहरा शोक, मानसिक प्रताड़ना और दबाव का लगाया आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए आशीष बनर्जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।

ममता बनर्जी ने कहा कि आशीष बनर्जी ने अपना संपूर्ण जीवन समाज की सेवा और शिक्षा के विस्तार में समर्पित किया। वह अपने विनम्र व्यवहार और रामपुरहाट व बीरभूम की जनता के साथ प्रगाढ़ संबंधों के लिए सदैव याद किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अपने अंतिम दिनों में आशीष दा को अत्यधिक मानसिक, भावनात्मक तनाव और लगातार राजनीतिक विद्वेष का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि जनसेवा के लंबे रिकॉर्ड के बावजूद उन्हें निरंतर बदनाम करने और झूठे आरोपों के जरिए दबाव में लाने की कोशिश की गई, जो बेहद दुखद और चिंताजनक है।

📝 सुसाइड नोट में मानसिक तनाव और बदनामी के डर का उल्लेख: कुणाल घोष

तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सुसाइड नोट के हवाले से गंभीर बातें रखीं।

कुणाल घोष ने दावा किया कि आशीष बनर्जी ने अपने सुसाइड नोट में समाज में बदनामी के डर और असहनीय मानसिक दबाव का स्पष्ट उल्लेख किया है। घोष ने आरोप लगाया कि एक निष्ठावान और समर्पित जनप्रतिनिधि होने के बावजूद वे इस भारी दबाव को सहन नहीं कर सके। उन्होंने इस परिस्थिति के लिए विपक्षी दल को जिम्मेदार ठहराते हुए पूरे प्रकरण की विस्तृत व पारदर्शी जांच की मांग की।

🔍 5 बार के विधायक ने क्यों उठाया ऐसा कदम? बीजेपी विधायक ध्रुब साहा ने भी उठाई जांच की मांग

रामपुरहाट से निर्वाचित बीजेपी विधायक ध्रुब साहा, जिन्होंने हालिया चुनाव में आशीष बनर्जी को पराजित किया था, ने भी इस घटना पर गहरा दुख प्रकट किया।

ध्रुब साहा ने कहा कि वे कुछ ही दिनों पूर्व आशीष बनर्जी से मिले थे और उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि उन्होंने ऐसा आत्मघाती कदम उठा लिया। साहा ने सवाल किया कि 5 बार के अनुभवी विधायक को इस उम्र में ऐसा निर्णय क्यों लेना पड़ा? उन्होंने मांग की कि यदि आवश्यक हो तो किसी निष्पक्ष व स्वतंत्र एजेंसी से इस पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जाए, ताकि मौत के पीछे छिपे वास्तविक कारणों और संभावित साजिशों का पर्दाफाश हो सके।

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