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महाराष्ट्र

बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क टाइपिंग टेस्ट में तकनीकी गड़बड़ी: वाशिम समेत कई केंद्रों पर हंगामा, छात्रों ने की री-एग्जाम की मांग

मुंबई/वाशिम (महाराष्ट्र): बॉम्बे हाई कोर्ट (BHC) में क्लर्क भर्ती के अंतर्गत 16 अगस्त को आयोजित टाइपिंग टेस्ट के दौरान महाराष्ट्र के कई परीक्षा केंद्रों पर गंभीर तकनीकी अव्यवस्था और खामियां सामने आईं।

वाशिम, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़ और कल्याण के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर से जुड़ी समस्याओं के चलते परीक्षार्थियों का पेपर प्रभावित हुआ। परीक्षा प्रणाली में आई इन तकनीकी दिक्कतों के कारण गुस्साए अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्रों पर जोरदार विरोध-प्रदर्शन करते हुए जमकर हंगामा किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

⌨️ स्लो सॉफ्टवेयर, खराब की-बोर्ड और स्क्रीन साइज की समस्याओं से जूझे अभ्यर्थी

वाशिम में आयोजित टाइपिंग परीक्षा के दौरान अव्यवस्थाओं को लेकर अभ्यर्थियों में अत्यधिक आक्रोश देखा गया।

अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान उपयोग किए जा रहे सिस्टम का सॉफ्टवेयर अत्यधिक धीमा चल रहा था, कई कंप्यूटरों के की-बोर्ड ठीक से काम नहीं कर रहे थे और मॉनिटर स्क्रीन का आकार जरूरत से ज्यादा छोटा था। इसके अतिरिक्त, परीक्षा वेबसाइट की धीमी गति और बार-बार ज़ूम इन/ज़ूम आउट होने की समस्या के कारण परीक्षार्थियों का कीमती समय बर्बाद हुआ, जिससे वे निर्धारित समय सीमा में टाइपिंग टेस्ट पूरा करने से वंचित रह गए।

❌ शिकायत के बाद भी नहीं मिला समाधान, कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों के फेल होने का दावा

अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा हॉल में मौजूद इनविजिलेटर (परीक्षा निरीक्षकों) और तकनीकी सहायकों से बार-बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें कोई अपेक्षित सहयोग या अतिरिक्त समय नहीं दिया गया।

छात्रों का दावा है कि इन गंभीर तकनीकी रुकावटों की वजह से बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थी परीक्षा में असफल हो गए। कुछ परीक्षा केंद्रों पर स्थिति इतनी निराशाजनक रही कि वहां से केवल एक-दो परीक्षार्थी ही टाइपिंग टेस्ट क्लियर कर पाए, जिससे भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।

📝 76 अभ्यर्थियों ने दर्ज कराई लिखित शिकायत, परीक्षा दोबारा आयोजित करने की मांग

जानकारी के अनुसार, परीक्षा के पहले और दूसरे सत्र में 60-60 अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए उपस्थित हुए थे।

परीक्षार्थियों का कहना है कि ऑनलाइन परीक्षा के लिए जो बुनियादी तकनीकी मानक होने चाहिए थे, केंद्रों पर उनका घोर अभाव था। शैक्षणिक और भविष्य के नुकसान को देखते हुए 76 अभ्यर्थियों ने हस्ताक्षर युक्त लिखित शिकायत दर्ज कराई है। छात्रों ने बॉम्बे हाईकोर्ट प्रशासन और परीक्षा नियामक एजेंसी से मांग की है कि तकनीकी गड़बड़ी वाले सभी केंद्रों पर क्लर्क टाइपिंग टेस्ट को रद्द कर पुनः निष्पक्ष रूप से परीक्षा आयोजित की जाए।

🤐 परीक्षा केंद्र प्रबंधकों ने टिप्पणी से किया इनकार, वरिष्ठ स्तर का मामला बताया

तकनीकी खामियों के चलते सैकड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़ा यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।

इस पूरे प्रकरण पर जब परीक्षा केंद्र के स्थानीय प्रबंधकों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने आधिकारिक टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया। प्रबंधकों का कहना है कि यह समस्या स्थानीय सेंटर स्तर की नहीं थी, बल्कि केंद्रीय सर्वर और वरिष्ठ तकनीकी स्तर से उत्पन्न हुई थी। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि हाईकोर्ट प्रशासन इन शिकायतों का संज्ञान लेकर जांच के बाद छात्रों को पुनर्परीक्षा (Re-exam) का अवसर देता है या नहीं।

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