महिला ने गुब्बारा समझकर पकड़ लिया जहरीला सांप

भिलाई। शुक्रवार की रात के ढाई बजे। गहरा सन्नाटा। चारों तरफ अंधेरा। तभी एक महिला की चीख ने पूरे मोहल्ले वालों को जगा दिया। पता चला कि महिला के मच्छरदानी में सांप घुस आया है। महिला ने गुब्बारा समझकर सांप को पकड़ लिया था। सूचना पर नोवा नेचर की टीम ने रेस्क्यू कर सांप को पकड़ा।
घटना भिलाई स्थित कोहका की है। बताया जा रहा है कि कोहका निवासी नामदेव नानखेड़े की बेटी प्रीति पटेल अपने बेटे के साथ घर पर सोई हुई थी। उसने मच्छरों से बचने के लिए पलंग में मच्छरदानी लगा रखा था। रात तकरीबन 2.30 बजे उसे सुर्र-सुर्र की आवाज सुनाई दी।
उसे लगा कि साथ में सो रहा उसका बेटा पीयूष गुब्बारे से खेल रहा होगा। उसने एक हाथ से गुब्बारा पकड़ लिया। पकड़ने के बाद उसे थोड़ी गुदगुदी का अहसास हुआ। फौरन उसकी आंख खुली। उसने देखा कि उसके हाथ में सांप है। प्रीति आवाक रह गई। उसने तुरंत सांप को झटके से फेंका। सांप पलंग के दूसरी तरफ गद्दे में जा घुसा।
प्रीति अपने बेटे पीयूष को लेकर पलंग के एक किनारे में दुबक गई। उसने जोर से अपने पिता को आवाज लगाई, तथा बताया कि पलंग में सांप है।
पिता ने फौरन अपने भतीजे संदीप को फोन लगाकर किसी सांप पकड़ने वाले को बुलाने के लिए कहा। संदीप ने नोवा नेचर के अजय कुमार को फोन किया। आधे घंटे के अंदर अजय ने गद्दे के भीतर से सांप को पकड़ लिया। तब लोगों की जान में जान आई।
सांप को राजनांदगांव के जंगलों में छोड़ा गया। नोवा नेचर के अजय ने बताया कि रसैल वाइपर प्रजाति का है। जो काफी जहरीला होता है। छत्तीसगढ़ में इसे घोड़ा करैत कहा जाता है।