ब्रेकिंग
Ranabaali Box Office Collection Day 2: विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की फिल्म 'राणाबाली' का शानदा... France Protests News: फ्रांस में सरकार के खिलाफ फूटा गुस्सा, सड़कों पर उतरे 5.5 लाख लोग— राष्ट्रपति ... Cancer Medicine Price Control India: कैंसर मरीजों को बड़ी राहत, एटेजोलिज़ुमैब और बेवासिज़ुमैब सहित क... AI Usage Risks: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के बीच किन मामलों में बरतनी चाहिए सावधानी? Navratri Kanya Pujan Vidhi 2026: दुर्गा अष्टमी पर ऐसे करें कन्या पूजन, जानिए चरण धोने से लेकर भोजन औ... Kumror Chokka Recipe: कन्या पूजन के लिए खास बंगाली स्टाइल 'कुमरोर चोक्का' रेसिपी Punjab Opinion Poll 2027: पंजाब में फिर आ सकती है ‘आप’ की सरकार, SCORE Intelligence के सर्वे में भगव... Gwalior Sheetla Mata Mandir Accident: ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास बेकाबू ट्रक का कहर, भीषण ... Supreme Court Ruling: सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला— बच्चों का इंटरनेट इस्तेमाल करना है मौलिक अधिकार Kota Medical College News: कोटा में प्रसूता की संदिग्ध मौत पर हंगामा, सीजेरियन डिलीवरी और इंजेक्शन ल...
देश

एलोपैथी पर योग गुरु बाबा रामदेव को IMA ने भेजा कानूनी नोटिस, पतंजलि ने आरोपों से किया इनकार

नई दिल्ली। योग गुरु बाबा रामदेव के कथित रूप से एलोपैथी को दिवालिया विज्ञान कहने पर हंगामा खड़ा हो गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (DMA), अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AAIMS) व सफदरजंग अस्पताल के रेजिडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन ने इस पर विरोध जताया है और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से उनके खिलाफ महामारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। आइएमए ने रामदेव को कानूनी नोटिस भेजकर बयान वापस लेने और माफी मांगने की मांग की है। डीएमए ने तो दरियागंज थाने में योग गुरु के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करा दी है। वहीं, पतंजलि ने आरोपों  इंकार करते हुए कहा है कि बाबा रामदेव की कोई गलत मंशा नहीं थी।

आइएमए ने अपने बयान में कहा है कि यदि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कार्रवाई नहीं की तो अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा। आइएमए के अध्यक्ष डा. जेए जयलाल ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग में देशभर में एलोपैथी के 1,200 डाक्टरों ने जान गंवाई है और लाखों लोगों की ¨जदगी बचाई है। स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बावजूद डाक्टरों के हौसले और उनकी मेहनत के कारण ही भारत में मृत्यु दर विकसित देशों की तुलना में भी कम रही। कोरोना के इलाज में इस्तेमाल की गई दवाओं को भारत के औषधि महानियंत्रक ने मंजूरी दी थी, इसलिए रामदेव ने अपने बयान से औषधि महानियंत्रक की क्षमता पर भी सवाल उठाए हैं। डीएमए के महासचिव डा. अजय गंभीर ने कहा कि बाबा रामदेव के बयान से चिकित्सा जगत को आघात पहुंचा है। एलोपैथी के डाक्टर इलाज में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) व अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के दिशा निर्देशों का भी पालन करते हैं। रामदेव योग गुरु हो सकते हैं, लेकिन एलोपैथी को लेकर उनका बयान स्वीकार्य नहीं है।

बालकृष्ण ने दी सफाई

पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने आगे आकर पूरे मामले पर सफाई दी है। मीडिया को जारी बयान में उन्होंने साफ किया कि योग गुरु के मन में आधुनिक विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के अच्छे चिकित्सकों के प्रति कोई दुर्भावना नहीं है। तथाकथित आरोपों के संबंध में उन्हें इंटरनेट मीडिया से जानकारी हुई। स्पष्ट किया कि वीडियो का छोटा संस्करण पूरी तरह से उस संदर्भ से परे है, जो योग गुरु की ओर से बताने की कोशिश की जा रही है। कहा कि एक निजी कार्यक्रम में योग गुरु अपने और अन्य सदस्यों की ओर से प्राप्त एक फॉरवर्ड किए वाट्सएप संदेश को पढ़ रहे थे। उनके खिलाफ लगाया जा रहा आरोप झूठा और निरर्थक है। योग गुरु का मानना है कि एलोपैथी एक प्रगतिशील विज्ञान है और ऐसे कठिन समय में एलोपैथी, आयुर्वेद और योग का संयोजन सभी के लिए फायदेमंद होगा।

यह है आरोप

आइएमए के मुताबिक बाबा रामदेव का बयान वायरल हो रहा है जिसमें कहा गया है कि एलोपैथी ऐसा मंद और दिवालिया विज्ञान है कि पहले क्लोरोक्वीन फेल हुई, फिर रेमडेसिविर, एंटीबायोटिक व स्टेरायड दवाएं भी फेल हो गईं। प्लाज्मा थेरेपी पर भी प्रतिबंध लग गया और आइवरमेक्टिन भी फेल हो गई। लाखों लोगों की मौत एलोपैथी की दवा खाने से हुई है, जितने मरीजों की मौत आक्सीजन की कमी और अस्पताल नहीं जाने से हुई है उससे अधिक मौत एलोपैथी की दवाएं खाने से हुई हैं।

Related Articles

Back to top button