ब्रेकिंग
Jaipur Murder Case: जयपुर में पत्नी और 3 बेटियों का हत्यारा राहुल झा गिरफ्तार, खाटूश्यामजी और रींगस ... US-China Tension: चीन ने ईरान को दी थी अमेरिकी एयरबेस की सैटेलाइट तस्वीरें? जॉर्डन हमले में 3 US सैन... Ganga Aarti in London: लंदन में टेम्स नदी के किनारे पहली बार हुई भव्य गंगा आरती, दीपों से जगमगाया कि... BSF Rescue Operation: सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने बचाई 10 बांग्लादेशी नागरिकों की जान, 30 दिन के नव... Belagavi Murder News: कर्नाटक में 2 महीने से लापता महिला का गन्ने के खेत में मिला कंकाल, प्रेमी ने ब... Delhi Metro Arpan Kendra: पुराने कपड़ों से मिलेगा छुटकारा, दिल्ली मेट्रो के 10 स्टेशनों पर खुले अर्प... UCC in India: उत्तराखंड और गुजरात के बाद अब 21 राज्यों की बारी, अमित शाह ने सेवा संकल्प अभियान के दौ... Chhath Puja Special Trains: दुर्गापूजा, दिवाली और छठ पर चलेंगी 18 स्पेशल ट्रेनें; दिल्ली-भागलपुर के ... Raebareli Murder Case: रायबरेली में प्रधान के बेटे की पीट-पीटकर हत्या, प्रेमिका ने फोन कर बुलाया; पत... UP PCS Transfer News: काशी विश्वनाथ मंदिर CEO विश्व भूषण मिश्र का ट्रांसफर, बने UPSSSC के नए उपसचिव;...
देश

रायपुर में ऑनलाइन क्लास के जरिये किशोरियों के मन से मासिक धर्म की भ्रांतियों को किया दूर

रायपुर। कोरोना काल के चलते लोग घरों में रहने के लिए मजबूर हैं। ऐसे में स्वास्थ्य संबंधी भ्रांतियों को दूर करने के लिए व्यक्तिगत रूप से लोग मितानित या आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पास नहीं जा पा रहे हैं। इसे देखते हुए मासिक धर्म को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्चुअल क्लास का आयोजन किया गया।

वर्चुअल क्लास में सीएमएचओ ने एएनएम, मितानिन और महिला एवं बाल विकास की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मासिक धर्म के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने और स्वच्छता का विशेष ध्यान देने के लिये किशोरियों को कैसे जागरुक करें, इसके बारे में बताया गया। वर्चुअल क्लास में सीएमएचओ डॉक्टर मीरा बघेल ने कहा कि मासिक चक्र 28 दिन का होना चाहिए और रक्तस्राव की अवधि पांच दिन होनी चाहिए।

सामान्यतः मासिक चक्र 28 से 30 दिन का होता है और रक्तस्राव की अवधि तीन से पांच दिन की होती है। यह प्रक्रिया शारीरिक संरचना, खानपान, जीवनशैली के स्तर के अनुसार यह अलग अलग भी हो सकती है। 20 से 35 दिन तक और रक्तस्राव की अवधि दो से सात दिन तक भी बिल्कुल सामान्य है।

इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनीष मेजरवार एवं आरएमएनसीएच कंसलटेंट डॉ. रंजना गायकवाड़ द्वारा मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर प्रतिभागियों को किशोरियों और महिलाओं को नियमित जागरूक करते रहने को कहा गया। साथ ही नैपकिन पैड के सुनियोजित निष्पादन का तरीका भी बताया गया।

वर्चुअल क्लास की जानकारी देते हुए जिला मातृत्व स्वास्थ्य इकाई की नोडल अधिकारी डॉ. स्मृति देवांगन ने बताया कि महिलाओं के शरीर में हार्मोन्स के स्तर में होने वाले चक्रीय बदलावों के कारण प्रत्येक महीने नियमित रूप से गर्भाशय से होने वाले रक्त और अंदरूनी परत के स्राव को मासिक धर्म कहा जाता है।

Related Articles

Back to top button