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जनभागीदारी से पौधों की सुरक्षा की गारंटी: मुख्यमंत्री बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि मानव ने पर्यावरण को कितना नुकसान पहुंचाया है, इसका उदाहरण हमने लॉकडाउन के दौरान देखा। कुछ दिनों के लॉकडाउन के दौरान हमने प्रकृति का वह रुप देखा, जिसकी हम केवल कल्पना करते थे। सीएम ने मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे गांव और जंगलों की तस्वीर बदलेगी। किसानों की आय बढ़ेगी और आर्थिक समृद्धि आएगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत न केवल पौधारोपण किया जाएगा, बल्कि उनकी सुरक्षा भी की जाएगी। इस वजह से इस योजना में जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।

क्रांतिकारी योजना: वन मंत्री

वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि योजना के तहत वन विभाग के सहयोग से आम लोगों की निजी जमीन पर पौधारोपण किया जाएगा। उन्होंने योजना को क्रांतिकारी बताया। उन्होंने बताया कि पेड़ काटने के नियमों का सरलीकरण किया गया है। अब अनुमति की जरुरत नहीं रहेगी, केवल सूचना देनी पड़ेगी। पेड़ों के परिवहन के लिए भी अब किसी भी तरह के पास की जरुरत नहीं होगी।

मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जिन किसानों ने खरीफ वर्ष 2020 में धान की फसल ली हैे, यदि वे धान फसल के बदले अपने खेतों में वृक्षारोपण करते हैं, तो उन्हें आगामी तीन वर्षों तक प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसी तरह ग्राम पंचायतों के पास उपलब्ध राशि से यदि वाणिज्यिक वृक्षारोपण किया जाएगा, तो एक वर्ष बाद सफल वृक्षारोपण की दशा में संबंधित ग्राम पंचायतों को शासन की ओर से 10 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

इससे भविष्य में पंचायतों की आय में वृद्धि हो सकेगी। इसके अलावा संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के पास उपलब्ध राशि से यदि वाणिज्यिक आधार पर राजस्व भूमि पर वृक्षारोपण किया जाता है, तो पंचायत की तरह ही संबंधित समिति को एक वर्ष बाद 10 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वृक्षों को काटने व विक्रय का अधिकार संबंधित समिति का होगा।

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