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टूलकिट मामला : भाजपा नेताओं को घेरने को कांग्रेसियों से पुख्ता सुबूत जुटा रही रायपुर पुलिस

रायपुर। टूलकिट मामले में रायपुर पुलिस ने दिल्ली से कांग्रेस के आइटी सेल के एक लैपटाप की हार्ड डिस्क जब्त की है। इस हार्ड डिस्क की साइबर टीम के माध्यम से फारेंसिक जांच कराई जाएगी। रायपुर के सिविल लाइन थाने के प्रभारी आरके मिश्रा ने कहा कि साइबर टीम से जो रिपोर्ट प्राप्त होगी, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पुलिस कांग्रेस के रिसर्च विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव गौड़ा, रोहन गुप्ता और सौम्या वर्मा का बयान दर्ज कर चुकी है। पुलिस की इस कार्रवाई को मामले में आरोपित भाजपा नेताओं को पुख्ता साक्ष्य के साथ घेरने की कोशिश से जोड़कर देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि टूलकिट मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. रमन सिंह व भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा आरोपित हैं। राज्य में इससे पहले भी पात्रा के खिलाफ कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं को लेकर किए गए ट्वीट की वजह से एफआइआर दर्ज की गई थी, लेकिन हाई कोर्ट ने मामले को राजनीतिक मानते हुए सभी एफआइआर निरस्त करा दी थीं। यही वजह है कि पुलिस इस बार कांग्रेस नेताओं के बयान और हार्ड डिस्क के जरिये पुख्ता साक्ष्य एकत्र कर रही है, ताकि भाजपा नेताओं को कोर्ट से भी राहत न मिल सके।

नोटिस के बावजूद बयान देने नहीं आ रहे पात्रा

संबित पात्रा को पुलिस बयान लेने के लिए दो बार नोटिस भेज चुकी है, लेकिन वह नहीं आए। पुलिस अब तीसरी बार नोटिस भेजने की तैयारी में है। वहीं, मामले के दूसरे आरोपित पूर्व सीएम डा. रमन सिंह पुलिस को अपना लिखित बयान दे चुके हैं।

यह है मामला

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह व भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा के 18 मई के एक ट्वीट को लेकर एनएसयूआइ के प्रदेशाध्यक्ष आकाश शर्मा की लिखित शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने दोनों नेताओं के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है। इसमें भाजपा के दोनों नेताओं पर इंटरनेट मीडिया में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुसंधान विभाग के जाली लेटर हेड में फर्जी व मनगढ़ंत न्यूज साझा कर देश में सांप्रदायिक हिंसा फैलाने का प्रयास करने का आरोप है।

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