सत्ता से बेदखल होने के कारण छटपटा रहे भाजपाई: अटल

बिलासपुर। प्रदेश कांगेे्रस कमेटी के उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव व शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रमोद नायक ने पूर्व मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपाई ढाई साल से सत्ता से बाहर बैठे हुए हैं।
पूर्व मंत्री अग्रवाल के बयान में यही छटपटाहट नजर आ रही है। 15 साल के कुशासन से प्रदेश की जनता त्रस्त हो चुकी थी। घोटालेबाज सरकार को जनता जनार्दन ने असली जगह दिखा दी है। भाजपाई अब छटपटा रहे हैं। जमीन तलाश रहे हैं। जिसमें उनको सफलता नहीं मिलेगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश मे चौतरफा विकास हो रहा है।
कांगे्रेस नेताओं ने कहा कि पूर्व मंत्री के ऊपर सिरपुर में वन विभाग की 4.12 हेक्टयर जमीन को अपनी पत्नी और बेटे के नाम पर दर्ज कराने का आरोप है। अचरज की बात है कि वे आज छत्तीसगढ़ की जनता, किसान मजदूर के विकास की चिंता कर रहे हैं। जिन्होंने 15 वर्षो तक जनता को विकास का लालीपाप देते रहे। प्रदेश की जनता का नहीं भाजपाई दिग्गजों ने अपना विकास जरूर किया। विकास की गंगा कवर्धा से निकल कर पनामा गेट तक पहुंच गई।
पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह के दामाद के ऊपर स्वास्थ्य विभाग में 50 करोड़ के घोटाला का आरोप है। भाजपा के दिग्गज जनता की आड़ में अपना विकास तलाशने के लिए अभियान चला रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवल अपने आपको किसान हितैषी बता रहे हंै पर केंद्र सरकार द्वारा लागू किसान विरोधी तीन काला कानून का समर्थन कर रहे हैं।
कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि प्रदेश भाजपा ने धान का समर्थन मूल्य 2,100 और 300 स्र्पये बोनस देने की बात कही थी। जो नहीं दिया। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि वर्ष 2003 में कांग्रेस की सरकार की कोष में चार हजार करोड़ से अधिक की राशि छोड़ गई थी किंतु भाजपा सरकार के गलत नीति व भ्रष्टाचार के कारण 15 वर्षो में 50 हजार करोड़ से अधिक ऋण पर ला खड़ा किया। मीना खलखो फर्जी मुठभेड़, झिलिया माड़ी बालिका छात्रावास कांड, बिलासपुर में गर्ल्स हास्टल में छात्राओं के साथ पुलिस बर्बरता किसी से छिपी नहीं है। प्रदेश की जनता ने सबकुछ करीब से देखा है।
कांग्रेसी नेताओं ने उठाए सवाल
कांग्रेसी दिग्गजों ने पूर्व मंंत्री अग्रवाल से पूछा कि राज्य सरकार ने शराबबंदी के लिए जो कमेटी बनाई है भाजपा के विधायक बैठक में शामिल क्यांे नही होते। केंद्र सरकार से 18 हजार करोड़ स्र्पये छत्तीसगढ़ सरकार को मिलना है। केंद्र सरकार क्यांे नहीं दे रही है। केंद्र सरकार 72 रुपये समर्थन मूल्य बढ़ाकर प्रति क्विंटल दो हजार रुपये खर्च बढ़ा दी है। छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं को अन्न्दाता किसानों से कोई सरोकार नहीं है। वे तो कोरोना जैसी महामारी में धरना आंदोलन कर आपदा में अवसर की तलाश में घूम रहे हंै।





