ब्रेकिंग
अनाज के दानों से विदेशी मेहमानों का अनोखा स्वागत: नर्मदापुरम के किसान ने दिखाई अनूठी कला MP Barrier Free Tolling: देवास-भोपाल कॉरिडोर पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू, FASTag और कैमरों से ऑटोमैटिक क... Ladli Behna Yojana 40th Installment: 13 सितंबर को आगर-मालवा से 40वीं किस्त जारी करेंगे सीएम मोहन याद... Indore Police Bravery: इंदौर में धू-धू कर जली कार, ट्रैफिक पुलिस टीम ने कांच तोड़कर चालक को निकाला; ... Jabalpur News: 4 साल पहले तोड़ा स्कूल भवन, आज तक नहीं बनी छत; पेड़ के नीचे और आंगनबाड़ी में पढ़ने को... Jabalpur News: कीचड़ भरे रास्ते पर तड़पकर हुई डिलीवरी, गुस्साए पूरे गांव ने फावड़ा उठाकर खुद बना डाल... जबलपुर में बेलगाम डंपर का कहर: मंदिर से घर लौट रही महिला शिक्षिका को कुचला, इलाज के दौरान मौत भारत-अफगानिस्तान पहले टी20 से पहले ईशान किशन की फिटनेस पर नजरें: ट्रेनिंग सेशन मिस करने से बढ़ी थी च... Android Malware Alert: सावधान! 'मैंटेक्स ओटैक्स' मैलवेयर चुरा रहा है OTP और व्हाट्सएप चैट, सिक्योरिट... Manicure Pedicure Care Tips: मैनीक्योर-पेडीक्योर के बाद भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना काली पड़ ...
देश

भारत ने 200 सालों में केवल तीन फीसद किया कार्बन उत्सर्जन : प्रकाश जावडेकर

नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि भारत ने पिछले 200 सालों से पर्यावरण परिवर्तन में केवल तीन फीसद का ही योगदान दिया है। जबकि यूरोप और अमेरिका ने पिछले दो सौ सालों में और चीन ने 40 सालों में बेहिसाब कार्बन उत्सर्जन किया है।

जावडेकर ने सोमवार को वर्चुअल ‘एनवायरमेंट कान्क्लेव : रिवाइवल,रीजेनेरेशन एंड कंजरवेशन आफ नेचर’ में कहा कि पेरिस समझौते के तहत विकसित देशों ने विकासशील देशों के लिए 1.1 खरब अमेरिकी डालर की रकम नुकसान की भरपाई के तौर पर देने का एलान किया था। लेकिन रविवार को जी-सात की बैठक में भी इस पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि यूरोप, अमेरिका और चीन जैसे देशों ने विश्व को आर्थिक रूप से समृद्ध किया लेकिन दुनिया को बुरी तरह से प्रदूषित कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ऐसा देश है जिसकी वजह से पर्यावरण परिवर्तन पर सबसे कम असर पड़ा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पेरिस समझौते के मुताबिक हर साल देश 100 अरब डालर पर्यावरण परिवर्तन के लिए विकासशील देशों को दी जाने वाली हैं।

इस बीच, केंद्रीय रेल, वाणिज्य और उद्योगमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि एक स्वच्छ वातावरण और निरंतर विकास की ओर बढ़ने का भारत का एजेंडा है। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद दुनिया में पर्यावरण के लक्ष्यों को हासिल करने की इच्छा तीव्रता से बढ़ेगी।

Related Articles

Back to top button