ब्रेकिंग
चांदनी चौक की गलियों में एक इमोशनल सफर— 376 साल पुराना इतिहास, यादें और इंसानी रिश्तों की खूबसूरत दा... आज का मौसम: देश के कई राज्यों में बदला मिजाज, दक्षिण में बारिश का दौर जारी— जानिए अपने शहर का हाल मध्य प्रदेश के जबलपुर में धनतेरस की रात दर्दनाक हादसा, गाजी नगर की झुग्गी बस्ती में भीषण आग से 50 से... रामनगरी अयोध्या में भव्य दीपोत्सव 2026 आज, 35 लाख दीयों और 2100 ड्रोनों के शो से जगमगाएगी राम की पैड... उत्तर प्रदेश के ताजनगरी आगरा में एक कोचिंग सेंटर के अंदर मिला गणित के शिक्षक का सड़ा-गला शव, इलाके म... आंध्र प्रदेश में बड़ा राजनीतिक सदमा, चुनाव परिणाम से ठीक पहले जन सेना पार्टी की युवा प्रत्याशी का हा... जयपुर में बिक रही 1 लाख 23 हजार रुपये किलो वाली शाही मिठाई, सोने के सिक्के जैसी ‘त्योहार अशर्फी’ बनी... नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बनेगा आर्क टाइप फ्लाईओवर, 84 करोड़ की लागत से दूर होगी जाम की समस्... महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की खबरों पर अनिल देशमुख का बड़ा बयान, खारिज ... पाकिस्तान ने पंजाब के सीएम भगवंत मान को वीजा देने पर कही बड़ी बात, लाहौर में होने वाले सम्मेलन का मा...
देश

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू, CBSE और CISCE ने पेश किया ‘ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया’

नई दिल्ली।  निर्धारित समय के अनुसार सुबह 11 बजे सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीबीएसई की सीनियर सेकेंड्री और सीआईसीएसई की आईएससी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू कर दी है। सुनवाई के दौरान केंद्रीय बोर्ड अपनी कक्षा 12 की रद्द परीक्षाओं के लिए ‘ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया’ सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया गया। गौरलतब है कि सीबीएसई की सीनियर सेकेंड्री और सीआईएससीई की आईएससी की बोर्ड परीक्षाओं को महामारी के चलते रद्द कर दिया गया था।

उच्चतम न्यायालय के न्यायधीशों, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविल्कर और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की खण्डपीठ द्वारा दोनो ही केंद्रीय बोर्डों की कक्षा 12 की परीक्षाओं को रद्द करने और इंटर्नल एसेसमेंट के आधार पर जल्द से जल्द रिजल्ट घोषित करने की वाली एडवोकेट ममता शर्मा द्वारा दायर इस जन हित याचिका पर पिछल सुनवाई 3 जून 2021 को हुई थी। पिछली सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत द्वारा सीबीएसई को सीनियर सेकेंड्री और सीआईएससीई को आईएससी की रद्द परीक्षाओं के बाद स्टूडेंट्स के मूल्यांकन के लिए ‘ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया’ दो सप्ताह में बनाने को कहा था

वहीं, इससे पहले 31 मई 2021 को सीबीएसई और सीआईएससी की परीक्षाएं रद्द करने की मांग वाले इस मामले की सुनवाई हुई थी, जिसके दौरान केंद्र सरकार और सीबीएसई का पक्ष रख रहे एडवोकेट जनरल (एजी) ने खण्डपीठ से अंतिम नतीजे पर पहुंचने के लिए दो दिन का समय मांगा था। हालांकि, अगली सुनवाई के पहले ही सीबीएसई ने 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा कर दी थी, जिसके बाद खण्डपीठ ने रिजल्ट तैयार करने के लिए सीबीएसई ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया 2021 दो सप्ताह में प्रस्तुत करने को कहा था।

Related Articles

Back to top button