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पुजारा को टेस्ट टीम से बाहर किया जाना चाहिए या नहीं, सुनील गावस्कर ने दी अहम सलाह

नई दिल्ली। चेतेश्वर पुजारा भारतीय टेस्ट टीम के शानदार बल्लेबाज माने जाते हैं, लेकिन आइसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में किए गए अपने खराब प्रदर्शन के बाद वो आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं। पुजारा ने पिछले कुछ समय में टीम इंडिया के लिए रन नहीं बनाए हैं साथ ही खेल के प्रति उनके अप्रोच को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। पुजारा पर उठ रहे सवाल और उनकी आलोचना के बीच टीम इंडिया के पूर्व ओपनर बल्लेबाज सुनील गावस्कर उनके सपोर्ट में आकर खड़े हो गए हैं। उनके मुताबिक टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में टीम इंडिया को मिली हार के लिए पुजारा को दोष देना सही नहीं होगा।

सुनील गावस्कर ने स्पोर्ट्स तक से बात करते हुए कहा कि, न्यूजीलैंड के भी कई बल्लेबाज जैसे कि डेवोन कॉनवे, केन विलियमसन, रोस टेलर ने भी पुजारा की तरह ही स्लो शुरुआत की थी। गावस्कर ने कहा कि, अगर एक छोड़ पर पुजारा डटे रहें तो दूसरे छोर पर बल्लेबाज शॉट खेल सकते हैं। वो एक एंड को सही तरीके से पकड़ कर रखते हैं। मयंक अग्रवाल बतौर ओपनर अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं और दो दोहरा शतक लगा चुके हैं ऐसे में आप शुभमन गिल को आराम देकर मयंक को रोहित के साथ आजमा सकते हैं। इससे पता लग जाएगा कि, गिल और मयंक में किसकी तकनीक ज्यादा बेहतर है।

गावस्कर ने टेस्ट क्रिकेट के बारे में बात करते हुए कहा कि, इसमें धैर्य की जरूरत होती है और भारतीय बल्लेबाजों में इसकी कमी दिखी। धैर्य की कमी की वजह से उन्होंने शॉट खेलने की कोशिश की और इसकी वजह से ही जल्दी-जल्दी आउट हुए। गेंद जहां स्विंग होती है वहां पर संयम से खेलना जरूरी होता है और अगर भारतीय बल्लेबाजों ने धैर्य का परिचय दिया होता तो नतीजा अलग हो सकता था। इंग्लैंड की कंडीशन न्यूजीलैंड के अनुकूल थी और उन्हें इसका फायदा मिला। पुजारा ने जनवरी 2019 के बाद से टेस्ट क्रिकेट में शतक नहीं लगाया है।

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