ब्रेकिंग
ILBS का 'लिवर मिशन': दिल्ली मॉडल से होगा हर नागरिक का फ्री चेकअप, सरकार ने खोला मदद का पिटारा कंगना रनौत की बढ़ी मुश्किलें: किसान आंदोलन पर टिप्पणी मामले में कल बठिंडा कोर्ट में होंगी पेश मराठी कार्ड पर छिड़ा घमासान! भाजपा अध्यक्ष बोले- भाषा के नाम पर जहर न घोलें, वोटिंग से पहले सियासी प... मिसाइल से लेकर माइंडसेट तक... सेना प्रमुख ने समझाया क्या है 'शौर्य संप्रवाह', दुश्मनों के लिए बजाई ख... सावधान! उत्तर भारत में जारी है 'कोल्ड वेव' का कहर; रिकॉर्ड तोड़ रही सर्दी, जानें मौसम विभाग की नई चे... प्रयागराज माघ मेला: श्रद्धालुओं के बीच मची चीख-पुकार, दूसरे दिन भी भड़की आग; आखिर कहाँ है सुरक्षा इं... तनाव के बीच तेहरान से आया राहत भरा मैसेज: 'टेंशन मत लेना...', जानें ईरान में फंसे भारतीय छात्रों का ... शमशान से घर पहुंचने से पहले ही उजड़ गया परिवार! सीकर में भीषण हादसा, एक साथ उठीं 6 अर्थियां राणा बलचौरिया मर्डर केस में SSP मोहाली के बड़े खुलासे, गिरफ्तार शूटरों ने बताए चौंकाने वाले सच घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच खुले पंजाब के स्कूल, अभिभावकों ने उठाई छुट्टियां बढ़ाने की मांग
विदेश

ईरान ने 225 पाकिस्तानियों को देश से किया निर्वासित, जानें इसके पीछे की वजह

बलूचिस्तान। ईरान ने पाकिस्तान के 225 नागरिकों को देश से निर्वासित कर दिया है। पाकिस्तान के नागरिकों को ईरान ने बलूचिस्तान प्रांत के चगई जिले में ताफ्तान सीमा के माध्यम से सोमवार को वापस भेज दिया। एआरवाई न्यूज के अनुसार इन सभी लोगों को अवैध रूप से ईरान में प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। ऐसे पहली बार नहीं है, जब ईरान ने पाकिस्तानियों को निर्वासित किया है। इससे पहले ईरान 600 से अधिक पाकिस्तान के नागरिकों को वापस भेज चुका है।

ईरानी अधिकारियों ने पाकिस्तानी नागरिकों को लेविस फोर्स के हवाले कर दिया। उन्होंने अवैध रूप से ईरान में प्रवेश किया था और उनके पास वैध यात्रा दस्तावेज नहीं होने के कारण गिरफ्तार किया गया था। लेविस फोर्स ने निर्वासित पाकिस्तानियों को आगे की जांच के लिए संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) को सौंप दिया है।

एआरवाई न्यूज के मुताबिक, पिछले हफ्ते ईरानी अधिकारियों ने अवैध रूप से सीमा पार करने के आरोप में 400 पाकिस्तानी नागरिकों को सीमा अधिकारियों को सौंपा था। इससे पहले अप्रैल में, ईरान ने चगाई जिले के उसी सीमावर्ती शहर के माध्यम से 203 पाकिस्तानियों को निर्वासित किया था। लोग अक्सर हरियाली वाले चरागाहों की तलाश में तुर्की, ग्रीस और अन्य यूरोपीय देशों तक पहुंचने के प्रयास में अवैध रूप से सीमा पार करते हैं और मानव तस्करी रैकेट का आसान शिकार बन जाते हैं।

लेविस फोर्स के एक अधिकारी ने डॉन को बताया कि निर्वासित पाकिस्तानी ईरान में अवैध रूप से प्रवेश करने के बाद बेहतर रोजगार के अवसरों की तलाश में तुर्की और यूरोपीय देशों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। ईरान और पाकिस्तान की सीमा ईरान के सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत से मिलती है। इसकी लंबाई 959 किलोमीटर (596 मील) है।

Related Articles

Back to top button