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विश्व बैंक ने पाकिस्तान को दिए 80 करोड़ डॉलर, निकट भविष्य में विदेशी कर्ज बढ़ने का अनुमान

वाशिंगटन डीसी। विश्व बैंक ने पाकिस्तान में दो कार्यक्रमों के लिए 80 करोड़ अमेरिकी डालर (करीब 59.53 अरब रुपये) की वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है। पाकिस्तान सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा के लिए कार्यक्रम चला रहा है और दूसरा कार्यक्रम सुरक्षित मानव निवेश को बढ़ावा देने के लिए है। इसी के साथ निकट भविष्य में पाकिस्तान का विदेशी ऋण बढ़ेगा क्योंकि अपने बकाया विदेशी ऋणों को चुकाने, अपने चालू खाते को वित्तपोषित करने और अपने विदेशी मुद्रा भंडार का निर्माण करने के लिए हर साल अधिक से अधिक उधार लेने की उसकी मजबूरी है।

विश्व बैंक की विज्ञप्ति में कहा गया कि 40 करोड़ अमेरिकी डालर का पाकिस्तान प्रोग्राम फॉर अफोर्डेबल एंड क्लीन एनर्जी बिजली क्षेत्र की वित्तीय व्यवहार्यता में सुधार के उपायों पर केंद्रित है और कम कार्बन ऊर्जा के लिए देश के संक्रमण का समर्थन करता है। विश्व बैंक के टास्क टीम लीडर रिकार्ड लिडेन ने कहा, ‘पाकिस्तान की वित्तीय चुनौतियों को हल करने के लिए बिजली क्षेत्र में सुधार महत्वपूर्ण हैं।’ फोस्टर ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम के लिए 40 करोड़ अमेरिकी डालर सेकेंड सिक्योरिंग ह्यूमन इन्वेस्टमेंट मानव पूंजी संचय के लिए बुनियादी सेवा वितरण को मजबूत करने के लिए एक संघीय ढांचे का समर्थन करता है। यह कार्यक्रम स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं को बेहतर बनाने, गरीबों के लिए आय सृजन के अवसरों को बढ़ाने और समावेशी आíथक विकास को बढ़ावा देने में मदद करेगा। पाकिस्तान 1950 से विश्व बैंक का सदस्य रहा है। तब से, विश्व बैंक ने 40 अरब डॉलर की सहायता प्रदान की है।

इधर, इस्लामाबाद में डॉन की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 15 वर्षो में पाकिस्तान के विदेशी ऋण और देनदारियों में अलग-अलग गति से वृद्धि हुई, लेकिन इस अवधि के दौरान किए गए कोई भी प्रयास बोझ में तेजी से वृद्धि को रोकने में सफल नहीं हुए। यह वित्तीय वर्ष 2008 के अंत में विदेशी ऋण और देनदारियों में 150 प्रतिशत से अधिक 116.3 अरब अमेरिकी डॉलर की वृद्धि से स्पष्ट होता है। इसके अलावा, पाकिस्तान ने पहले 11 महीनों में लगभग 63 प्रतिशत अधिक ऋण या 12.13 अरब अमेरिकी डालर खरीदा। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के दौरान सरकार ने 7.4 अरब अमेरिकी डालर की तुलना में निवर्तमान वित्तीय वर्ष का उधार लिया था।

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