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नदियों के किनारे बिजली लाइन बिछाने की बनाएं कार्ययोजना: मुख्यमंत्री

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि वनांचल में नदियों के किनारे बिजली लाइन बिछाकर किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जल्द ही कार्ययोजना तैयार की जाए। प्रदेश के आकांक्षी जिलों विशेषकर बस्तर, सरगुजा अंचल सहित कोरबा जिले में नदियों के किनारे बिजली लाइन के विस्तार के काम में डीएमएफ फंड का उपयोग किया जाए।

इससे किसानों को जहां सिंचाई सुविधा मिलेगी, वहीं उनका जीवन स्तर ऊपर उठाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को अपने निवास कार्यालय में आयोजित ऊर्जा विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों के पानी का उपयोग करने से भू-जल का दोहन रुकेगा। वहीं सतही जल के उपयोग से बिजली की खपत कम होगी। उन्होंने कहा कि बस्तर अंचल में इंद्रावती नदी, सुकमा में शबरी नदी, कोरबा में हसदेव नदी, दंतेवाड़ा में नदी किनारे बिजली लाइन बिछाने का कार्य प्राथमिकता से किए जाएं। इसके लिए इन जिलों के कलेक्टरों से संपर्क कर जल्द कार्य योजना तैयार की जाए।

वनांचल क्षेत्रों में जहां बिजली सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने सौर सुजला योजना में सोलर पंप उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, विशेष सचिव ऊर्जा और छत्तीसगढ़ पावर कंपनियों के अध्यक्ष अंकित आनंद सहित बिजली कंपनियों के अधिकारी उपस्थित थे।

35 आवेदनों में से 11 हजार से ज्यादा को मिला पंप कनेक्शन

प्रदेश में कृषि पंप कनेक्शन के 35 हजार 161 आवेदन लंबित हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार बिजली कंपनी तेजी से पंप कनेक्शन दे रही है। ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव अंकित आनंद ने बताया कि अब तक 11 हजार 661 सिंचाई पंपों को बिजली कनेक्शन दे दिए गए हैं। 23 हजार 500 कनेक्शन देने का काम चल रहा है। यह काम नवंबर के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

अगले तीन वर्ष में बनेंगे 112 नए उपकेंद्र

प्रदेश में बिजली अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अगले तीन वर्षों में योजना के तहत 817 करोड़ स्र्पये व्यय करके 33/11 केवी के 112 नए उपकेंद्र बनाए जाएंगे, 166 पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाई जाएगी। 3020 किलोमीटर 33 केवी लाइन और 1715 किलोमीटर 11 केवी लाइन का विस्तार किया जाएगा।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के अंधियारखोर और आमाडांड में दो उपकेंद्रों का निर्माण अगस्त 2021 तक और कोरिया जिले के कटघोड़ी के उपकेंद्र का निर्माण दिसंबर तक पूरा होगा। बैठक में बताया गया कि बिजली कंपनियों मंे 129 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति दी गई है।

मोर बिजली एप को 4.4 स्टार रेटिंग

बैठक में बताया गया कि उपभोक्ता सेवा के लिए बनाए गए मोर बिजली एप का छह लाख 70 हजार से ज्यादा बिजली उपभोक्ता उपयोग कर रहे हैं। इसकी बढ़ती लोकप्रियता को गूगल ने 4.4 स्टार रेटिंग दी है। एप के माध्यम से नवंबर से अब तक दो लाख 82 हजार से अधिक बिजली बंद होने की शिकायतों का निराकरण किया गया है। वहीं एप से आठ लाख 70 हजार से अधिक बिजली बिल का भुगतान किया गया है।

सीएम ने दिए निर्देश

– वनांचल में सिंचाई सुविधा देने कलेक्टरों को डीएमएफ के जरिये खेतों में बोर खनन कराने के लक्ष्य भी दिए जाएं।

– जिन स्थानों पर पौधारोपण किया जाना है, वहां डीएमएफ से बोर खनन की व्यवस्था कर सोलर पंप उपलब्ध कराएं जाए।

– सोलर सामुदायिक सिंचाई योजना को पारंपरिक तालाबों से जोड़ा जाए। जहां तालाब नही है, वहां मनरेगा से तालाब निर्माण कराया जाए।

– गांवों, कस्बों, नगरीय निकायों में सोलर हाई मास्ट स्थापना के लिए डीएमएफ की राशि का उपयोग किया जाए।

– विधायक निधि का उपयोग भी सोलर मास्ट लाईट की स्थापना में किया जा सकता है।

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