बार एसोसिएशन ने CJI एनवी रमना को लिखा पत्र, सुप्रीम कोर्ट में फिजिकल सुनवाई शुरू करने का किया अनुरोध

नई दिल्ली। वर्तमान कोरोना की सामान्य स्थिति और दिल्ली में मामलों में गिरावट को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने एक बार फिर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) एनवी रमना को एक पत्र लिखा है। उनसे अनुरोध किया है कि वे कोविड प्रोटोकॉल का सख्त अनुपालन के साथ सुप्रीम कोर्ट के फिजिकल कामकाज को शुरू कराई जाए। एससीबीए के अध्यक्ष की ओर से पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने पत्र लिखा है और यह अनुरोध किया है।
सीजेआइ को लिखे पत्र में, एससीबीए ने कहा कि बार ने युद्धस्तर पर 45 वर्ष से कम आयु के वकीलों के लिए कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया है और 45 वर्ष से अधिक उम्र के वकीलों को मार्च 2021 से ही टीका लगाया जा रहा है। एससीबीए ने कहा कि आज के परिदृश्य में अदालत को कोविड संबंधी नियमों को देखते हुए सामान्य कामकाज शुरू करना चाहिए, ताकि थर्ड वेब आने के बाद भी अदालती कामकाज पर किसी भी तरह से कोविड का प्रभाव ज्यादा न पड़े
बार एसोसिएशन ने आगे कहा कि एससीबीए की कार्यकारी समिति ने वकीलों की घरेलू मदद सहित हमारे सभी सदस्यों, क्लर्कों, कर्मचारियों के साथ-साथ परिवार के सदस्यों को टीका लगाने के लिए पहले ही सक्रिय कदम उठाए हैं और उक्त टीकाकरण अभी भी जारी है। यही नहीं मई 2021 के महीने में, एससीबीए- इसी (SCBA-EC) ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से थोक में निजी दरों पर टीके खरीदे और 45 से कम आयु वर्ग के लिए युद्धस्तर पर टीकाकरण शुरू किया, ताकि अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा सके। जहां तक 45 और उससे अधिक आयु वर्ग का संबंध है, तो इऩके लिए 16 मार्च को टीकाकरण अभियान शुरू किया गया था।
एससीबीए ने आगे कहा कि यदि हम तीसरी लहर के आगमन के साथ भी कोरोना संबंधी नियमों के पालने के साथ काम करना जारी रखते हैं, तो भी हमारा परिसर ऐसा स्थान नहीं होगा, जो कोरोना के फैलाए, क्योंकि हमारे लगभग सभी हितधारकों ने टीके की पहली खुराक ले ली है और काफी ज्यादा लोगों ने दोनों शॉट्स ले लिए हैं।