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झारखंड पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया पन्द्रह लाख का कुख्यात नक्सली बुद्वेश्वर उरांव

जशपुरनगर। झारखंड पुलिस ने गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड के कुरूमगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम कोचागानी के जंगल में नक्सलियों के साथ हुए भीषण मुठभेड़ में 15 लाख के इनामी नक्सली बुद्वेश्वर उरांव को मार गिराया है। गुमला जिले के एसपी एचपी जर्नादनन ने इसकी पुष्टि की है। मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने एक एके-47, भारी मात्रा में गोली, आइइडी बम बनाने की सामग्री, दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की है। मुठभेड़ के बाद माओवादी संगठन का एरिया कमांडर रंथु उरांव व लजीम अंसारी सहित 12-13 नक्सलियों के अभी भी केरागानी व कोचागानी जंगल में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है। इनकी तलाश में सुरक्षा बल शाम तक सर्चिंग में जुटे हुए है। बुद्वेश्वर उरांव के मारे जाने से माओवादियों के संगठन विस्तार की योजना को भी बड़ा धक्का पहुंचा है। इन दिनों माओवादी नए सिरे से झारखंड और ओडिसा में प्रभाव बढ़ाने की योजना में काम कर रहें हैं।

जानकारी के अनुसार माओवादी नक्सलियों के खिलाफ सीआरपीएफ, कोबरा, झारखंड जगुवार व गुमला पुलिस ने 12 जुलाई से आपरेशन शुरू की है। गुरूवार की सुबह गुमला पुलिस को सूचना मिली थी कि केरागानी व कोचागानी जंगल में बुद्धेश्वर उरांव अपने दस्ते के साथ डेरा जमाए हुए है। सूचना के आधार पर पुलिस व सीआरपीएफ के जवान पूरी तैयारी के साथ जंगल में दाखिल हुए। 13 जुलाई को केरागानी जंगल में नक्सलियों द्वारा बिछाया गया आइइडी ब्लास्ट हुआ. जिसमें कोबरा बटालियन का जवान विश्वजीत कुंभकार घायल हो गया और खोजी कुत्ता शहीद हो गया था। इसी दिन शाम को सुरक्षा बलों के साथ माओवादियों की मुठभेड़ हुई. माओवादी भाग कर कोचागानी जंगल में जा छिपे थे। 14 जुलाई को पुनः सुरक्षा बल जंगल में सर्चिंग अभियान शुरू किया। इस दौरान जंगल में मवेशी चरा रहा ग्राम बारडीह निवासी रामदेव मुंडा की नक्सलियों द्वारा बिछाए गए बारूदी सुरंग की चपेट में आने से मौत हो गयी थी। 15 जुलाई की सुबह को पुनः सुरक्षा बलों ने माओवादियों के छिपे स्थान की घेराबंदी शुरू की। सुबह करीब सात व आठ बजे के बीच माओवादियों के साथ सुरक्षा बलों की मुठभेड़ हो गयी। जिसमें बुद्धेश्वर उरांव मारा गया। इसके बाद सभी माओवादी इधर-उधर भागने लगे. पुलिस के अनुसार अभी सभी माओवादी बिखर गए हैं. उन्हें पुलिस खोज रही है। मारा गया नक्सली बुद्धेश्वर के खिलाफ झारखंड के गुमला व सिमडेगा जिला के 13 थाना में 80 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें चैनपुर थाना के पांच पुलिसकर्मियों की हत्या, चैनपुर थाना व ब्लाक पर हमला करने का मामला भी शामिल है। पुलिस रिकार्ड के अनुसार बुद्धेश्वर 19 वर्ष की उम्र में जनमुक्ति मोर्चा नामक अपराधी संगठन से अपराध की दुनिया में आया था. बाद में वह माओवादी संगठन में शामिल हो गया था।

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