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पांच अगस्त के बाद से स्टील उद्योगों में तालाबंदी की तैयारी, उद्योगपति हुए एकजुट

रायपुर।  प्रदेश के उद्योगपतियों का कहना है कि लौह अयस्क की बढ़ती कीमतें और बिजली की मार के कारण उद्योग चलाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो उद्योगों में ताला लगाना ही पड़ेगा। शुक्रवार को बैठक में उद्योगपतियों ने निर्णय लिया है कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो पांच अगस्त के बाद से उद्योगों की तालाबंदी शुरू हो जाएगी।

देश के स्टील प्लांटो को बचाने के लिए गुरुवार को उद्योगपतियों ने केंद्रीय स्टील मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह से मुलाकात की। इस दौरान स्टील मंत्री को स्टील प्लांटों को आ रही मुश्किलों के बारे में जानकारी दी गई। स्टील मंत्री के साथ ही उद्योगपतियों ने कोल मंत्री प्रहलाद जोशी व उद्योग सचिव मनोज पिंगवा से भी मुलाकात की। उद्योगपतियों का कहना है कि आयरन ओर, पैलेट और स्पंज आयरन की एक्सपोर्ट पर बैन लगाया जाए।

अगर निर्यात करना हो तो 30 फीसद एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाई जाए। साथ ही स्क्रैप पर रिवर्स चार्ज मैकेनिजम लागू किया जाए। छत्तीसगढ़ स्पंज आयरन एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल नचरानी ने बताया कि लौह अयस्क की ऊंची कीमतों व बिजली की मार के कारण उद्योग चला पाना मुश्किल हो गया है। इसके लिए राज्य शासन के साथ ही एनएमडीसी को भी कई बार बताया जा जा चुका है।

जुलाई में आधा हो रहा उत्पादन

प्रदेश के उद्योगपतियों ने पहले ही लौह अयस्क की बढ़ती कीमत व बिजली की मार को देखते हुए जुलाई माह में उत्पादन आधा कर दिया है। इनका कहना है कि लौह अयस्क की ऊंची कीमतों के कारण उन्हें काफी नुकसान हो रहा है।

200 रुपये प्रति टन घटा है लौह अयस्क का दाम

उद्योगपतियों द्वारा दबाव डालने के बाद एनएमडीसी ने लौह अयस्क की कीमतों में 200 रुपये प्रति टन की कमी की है। बताया जा रहा है कि कीमतों में इस गिरावट के बाद अब लौह अयस्क के दाम 11 हजार 800 रुपये प्रति टन हो गए है। जानकारी के अनुसार मार्च 2020 में लौह अयस्क के दाम 2100 रुपये प्रति टन था और जून 2021 में लौह अयस्क के दाम 12 हजार रुपये प्रति टन हो गया।

पड़ोसी राज्यों की तुलना में 1.75 रुपये महंगी बिजली

उद्योगपतियों का कहना है कि महाराष्ट्र सहित कई प्रदेशों की तुलना में छत्तीसगढ़ में उद्योगों को महंगी बिजली मिल रही है। प्रदेश में 6.50 रुपये प्रति यूनिट बिजली की दर है,जबकि महाराष्ट्र में बिजली की दर 4.75 रुपये प्रति यूनिट है। इस प्रकार महंगी बिजली से उद्योगों को और नुकसान हो रहा है।

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