इस साल इमरान बने छत्तीसगढ़ के अकेले हाजी

रायपुर: इस्लाम धर्म के प्रमुख तीर्थस्थल मक्का-मदीना जाने की चाहत मुस्लिम समाज के हर व्यक्ति के दिल में होती है। हर कोई जीवन में एक न एक बार हज की यात्रा करना चाहता है। सालों तक इंतजार करने के बाद किसी खुशनसीब को ही यह मौका मिल पाता है। पिछले दो साल से कोरोना महामारी के चलते सउदी अरब सरकार ने बाहरी देशों के यात्रियों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। भारत से यात्रियों के न जाने से छत्तीसगढ़ में प्रतीक्षारत लोग भी निराश थे। ऐसे में छत्तीसगढ़ निवासी इमरान खान जो पांच साल से सउदी अरब में रह रहे हैं, उन्हें हज का मौका मिलने पर छत्तीसगढ़ के रिश्तेदारों में खुशी छाई है।
एनआइटी से की पढ़ाई
गुढ़ियारी निवासी अनीस मेमन बताते हैं कि 28 साल के इमरान खान ने एनआइटी रायपुर से पढ़ाई की है। पहले उनकी नाैकरी कोलकाता में लगी और इसके बाद वे सउदी अरब की मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करने चले गए। वहां डिजिटल ट्रांसफॉरमेशन मैनेजर पद पर कार्यरत हैं। वे अंतर्राष्ट्रीय कराते खिलाड़ी स्व.सेन्साई हाजी अब्दुल सईद खान के पुत्र हैं।
उनकी मम्मी, बहन और अन्य रिश्तेदार गुढ़ियारी में ही रहते हैं। जब हमें पता चला कि इस बार हजयात्रा करने का मौका इमरान खान को मिला, तब हमारी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। हम सभी की ओर से हज के दौरान इमरान ने पूरे छत्तीसगढ़ में अमन, चैन, खुशहाली की दुआ मांगी है।
केवल अरब में रहने वालों को मिली अनुमति
इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक तीर्थ स्थल सउदी अरब के मक्का में हर साल लाखों तीर्थ यात्री जाते हैं। दो साल से बाहरी देशों के लोगों पर प्रतिबंध लगा है। केवल अरब में रहने वालों को ही अनुमति है।






