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कोरोना से अनाथ हुए 337 बच्चों का स्वामी आत्मानंद स्कूल में दाखिला

रायपुर: छत्तीसगढ़ में कोरोना महामारी के दौरान अब तक छह हजार बच्चों के अनाथ या निराश्रित होने की जानकारी एकत्रित हो चुकी है। इन बच्चों के लिए राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ महतारी दुलारी योजना- 2021की शुरुआत की है। इसके तहत प्रदेश भर के 171 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में 337 बच्चों का दाखिला हो गया है। रायपुर में 54 बच्चे इस योजना के तहत अंग्रेजी स्कूल में दाखिल हुए हैं।

बाकी अन्य बच्चे जिन स्कूल में पढ़ रहे हैं, वहीं पढ़ेंगे और उनकी फीस राज्य सरकार देगी। रायपुर में 709 ऐसे बच्चों की जानकारी राज्य सरकार को भेजी गई है, जो निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी एएन बंजारा ने बताया कि निराश्रित बच्चों की जानकारी एकत्रित हो चुकी है और सभी की पढ़ाई को सुनिश्चित किया जा रहा है।

सरकार के संरक्षण में होगी आगे की पढ़ाई

बता दें कि कोरोना महामारी से अपने माता-पिता या अभिभावक को जो बच्चे खो चुके हैं और निजी स्कूल में पढ़ रहे हैं, उनकी पढ़ाई का खर्च भी छत्तीसगढ़ सरकार उठाएगी। इस घोषणा के बाद इन बच्चों को पढ़ाई में सही दिशा मिलेगी।

यह है योजना

गौरतलब है कि योजना के तहत पात्र पाए गए बच्चों को प्रदेश के शासकीय शालाओं में नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसे पात्र बच्चों को स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में प्रवेश में प्राथमिकता दी जा रही है। इन्हें छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। पात्र छात्रों को स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। प्रतिभावान छात्रों को व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए प्रशिक्षण, कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

वर्जन

कोरोना महामारी से निराश्रित हो चुके बच्चों के लिए सरकार की महतारी दुलारी योजना के तहत मदद दी जा रही है। जो बच्चा जहां पढ़ रहा है वहीं पढ़ सकता है, ऐसे बच्चों की सरकार मदद कर रही है।

– डॉ. आलोक शुक्ला, प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा

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